संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वैज्ञानिक बुधवार को क्षेत्र में भ्रमण कर गेहूं की फसल का क्रॉप कटिंग करके पैदावार का हाल जाना। इसके साथ किसानों को अधिक पैदावार लेने के लिए तकनीकी खेती की जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक देवेश कुमार ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए उत्पादन का सही पता लगाने के लिए प्रगतिशील किसानों के खेतों में पहुंचकर डीवी डब्लू 187 का ग्राफ कटिंग कर फसल की उत्पादन का आकलन किया गया। उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग एक मानक के आधार पर जिले में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं। जिससे उत्पादन की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। कृषकों को मशीनरी का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए जिसे लागत कम आवे और उत्पादन ज्यादा हो। क्रॉप कटिंग के तौर तरीके की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक गुणे एक मीटर लंबाई और एक मीटर चौड़ाई के प्लांट के प्रयोगात्मक खंड का निर्धारण किया जाता है। एक प्लांट में लगे गेहूं की फसल की कटाई की गई जिसमें दो सैंपल लिए गए। कम से 482 ग्राम और 550 ग्राम के अनुसार 51.60 कुंतल पर हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त हुआ। दिवेश कुमार ने बताया कि अगर 22 अक्टूबर से पांच नवंबर तक गेहूं की बुवाई पूरी कर ली जाए तो गेहूं का उचित उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि चयनित गांव में आन फॉर्म ट्रायल परियोजना के अंतर्गत गेहूं का ट्रायल बीबी 187 का किया गया इसका उत्पादन काफी अच्छा रहा।