संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) काशिफ शेख की कोर्ट ने पत्नी को दहेज उत्पीड़न कर जहर देकर हत्या करने के मामले में आरोपी बनाए गए पति व सास को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार गौतम व पवन कुमार मांझी ने बताया कि ज्ञानती देवी के भाई प्रदीप कुमार ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर दिया कि उसकी बहन ज्ञानती देवी की शादी अजीत पुत्र लालचंद ग्राम डीघा थाना कोतवाली खलीलाबाद के साथ सात जुलाई 2019 को हुई थी। उसकी सास रूना देवी पति अजीत राजभर दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे।
30 दिसंबर 2019 को सुबह फोन से सूचना मिली कि उसकी बहन की दवा खा लेने से तबीयत खराब है। उसको संदेह है कि उसकी बहन की सास रूना देवी पति अजीत राजभर ने दहेज को लेकर मार दिया है। तहरीर के आधार पर पति और सास के विरुद्ध थाना कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। केस की विवेचना सीओ आनंद कुमार पांडेय ने किया तथा आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष से मामले को साबित करने के लिए मृतका के भाई प्रदीप कुमार, मृतका की मां जानकी, मृतका की भाभी अनीता, डॉक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह ,नायब तहसीलदार वीरेंद्र नाथ पांडेय, ग्राम प्रधान ध्यान सिंह तथा सीओ आनंद कुमार पांडेय की गवाही कराई गई तथा आठ अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
उपरोक्त साक्ष्य के उपरांत दोनों आरोपियों पति अजीत राजभर व सास रूना देवी के बयान अंकित किए गए। कोर्ट ने पक्षों को बहस सुनने के बाद आरोपी पति अजीत राजभर व सास रूना देवी निवासी ग्राम डीघा थाना खलीलाबाद को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए बरी कर दिया।