डीएपी की किल्लत के बाद अब सिंचाई का संकट
कहीं नलकूप खराब तो कहीं नालियां ध्वस्त
नहरों में भी नहीं आ रहा पानी, किसान चिंतित
संतकबीरनगर। रबी अभियान की शुरुआत हो चुकी है। गेहूं की बुआई के लिए डीएपी की किल्लत बनी हुई है। इस बीच सिंचाई व्यवस्था भी हांफने लगी है। कहीं नलकूप खराब है तो कहीं सिंचाई के लिए बनीं नालियां ध्वस्त हैं। नहरों में पानी नहीं आ रहा है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है।
किसानों की मुसीबत कम नहीं हो रही है। पहले सूखा के चलते खेती प्रभावित हुई तो बाद में बाढ़ ने धान की फसल बर्बाद कर दिया। अब किसानों को रबी अभियान से उम्मीद है। किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं, लेकिन डीएपी की किल्लत से उनकी समस्या बढ़ गई। किसान लंबी लाइन लगाकर किसी प्रकार खाद की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन बदहाल सिंचाई व्यवस्था से परेशान हैं।
सिंचाई के लिए स्थापित सरकारी नलकूप दगा दे रहे हैं। कारण यह है कि कहीं नलकूप खराब है तो कहीं सिंचाई के लिए बनाई गईं नालियां ध्वस्त हैं। शहर से सटे नेदुला, धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित नलकूप खराब पड़े हैं। गोपीपुर, रुपिन, सेमरडाड़ी, मुंडेरा, करनपुर, भाटपार, धनघटा, ठकुराडाड़ी, बंडा, चकदही, सरौली आदि गांवों में सिंचाई के लिए बनाई गई नालियां ध्वस्त हो गई हैं।
यह स्थिति तब है जब प्रत्येक माह होने वाले किसान दिवस में इसका मुद्दा उठ रहा है। कई स्थानों पर झाड़ झंखाड़ होने से रात के समय सिंचाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। बनियाबारी, धवरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में नहरों में पानी नहीं आ रहा है।
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किसानों ने की नाली मरम्मत की मांग
क्षेत्र के किसान अमित कुमार, राम अजोर, सुखदेव आदि ने कहा कि नाली की मरम्मत न होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंचता है। किसानों ने कहा कि यदि नालियों की मरम्मत नहीं कराई गई तो रबी की मुख्य फसल गेहूं सिंचाई के अभाव में बर्बाद हो जाएगी।
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कोट
नलकूपों को पूूरी क्षमता के साथ चलाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां पर दिक्कतें हैं, वहां जल्द ही सुधार करा दिया जाएगा।
लालचंद, अधिशासी अभियंता, नलकूप