मो. अली ।
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पैर में संक्रमण से परेशान उंचहरा कला के मो. अली के उपचार की मदद के लिए डीएम ने पहल तो की, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इसी का नतीजा रहा कि पीड़ित केजीएमयू लखनऊ के ट्रामा सेंटर के दर तक तो पहुंच गया, मगर उसे रकम के अभाव में पहले भर्ती नहीं किया गया। इसकी जानकारी के बाद डीएम डॉ. सरोज कुमार के निर्देश के बाद देर शाम करीब सात बजे सीएमओ डॉ. आनंद श्रीवास्तव की पहल पर पीड़ित को भर्ती किया गया। इस बाबत मेडिकल कॉलेज को डीएम की ओर से पत्र भेजकर 70 हजार रुपये स्वीकृत करने की भी बात कही गई है। डीएम ने बताया कि पीड़ित के उपचार में जो भी रकम खर्च होगी उसे दिलाया जाएगा।
दरअसल, ‘अमर उजाला’ द्वारा 29 अगस्त के अंक में ‘उपचार के लिए इमदाद की दरकार’ शीर्षक से सेमरियावां ब्लॉक के उंचहरा कला निवासी मोहम्मद अली के पैरों में संक्रमण की खबर प्रकाशित होने और बाद में अन्य समाचार पत्रों में भी प्रकाशित होने डीएम ने इस मामले में पहल की। उन्होंने सीएमओ को उपचार कराने का निर्देश देते हुए कहा कि उपचार की राशि आरोग्य निधि के खाते से वहन की जाएगी। इसके बाद सीएमओ ने पीड़ित को टीम भेजकर जिला अस्पताल बुलवाया। बुधवार को मरीज की फाइल बनाकर मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस उसे मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर छोड़ कर वापस आ गई। वहीं ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने मरीज को रकम के अभाव में भर्ती करने से इकार कर दिया है।
मोहम्मद अली ने बताया कि पत्नी हुसना खातून के साथ परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के बाहर बेबस बैठे हैं। वहीं पत्नी हसीना खातून ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भर्ती करने के लिए रकम मांग रहे हैं। इस संबंध में युवा संघर्ष समिति संयोजक रिजवान मुनीर ने कहा कि पीड़ित के परिवार के इलाज के लिए सहयोग राशि एकत्र की जा रही है। इलाज के लिए शासन प्रशासन से भी मदद के लिए प्रयास जारी है।