धनघटा। संठी गांव निवासी प्रभुनाथ प्रजापति की मौत के बाद चकबंदी विभाग सतर्क हो गया है। अब जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया प्रचलित है, उनमें चौपाल लगाकर किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा और इसका फीडबैक शासन को भी भेजा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि संठी गांव निवासी प्रभुनाथ प्रजापति ने चकबंदी प्रक्रिया से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने सहायक चकबंदी अधिकारी और लेखपाल को निलंबित कर दिया था। तभी से चकबंदी विभाग के कार्यों की आलोचना किसानों में हो रही है।
चकबंदी सीओ ऐश मोहम्मद ने बताया कि शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि चकबंदी प्रचलित गांव में चौपाल लगाकर किसानों की समस्या का समाधान किया जाए। इसी कड़ी में 23 फरवरी को धनघटा तहसील क्षेत्र के दुघरा उर्फ खैरा गांव में चौपाल लगाई जाएगी। इसमें चकबंदी विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि यहां किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा। 26 फरवरी को क्षेत्र के नटवाबर गांव में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनकर समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी से 28 फरवरी तक क्षेत्र के विभिन्न गांव में चौपाल लगाई जाएगी और किसान तथा अधिकारी मिलकर समस्या का समाधान करेंगे। इसका फीडबैक चकबंदी आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को भेजा जाएगा।