संतकबीरनगर। शहर के प्रमुख चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी हैं। इसका एक साल पूर्व सौंदर्यीकरण कराया गया, लेकिन नगर पालिका प्रशासन महापुरुषों को भूल गया। उनकी प्रतिमाओं के पास गंदगी की भरमार है। मूर्तियां भी धूल से भरी हैं। इसके साथ ही छुट्टा पशु भी आसपास विचरण कर गंदगी फैला रहे हैं।
खलीलाबाद शहर में एक साल पूर्व प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ। इनको संवारने की जिम्मेदारी राजस्थान के करीगरों को दी गई, जिसके बाद इन प्रतिमाओं का सौंदर्यीकरण हुआ। शहर के मेंहदावल बाईपास पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा, आजाद चौक पर चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा, मुखलिसपुर तिराहे पर जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा, बैंक चौराहे पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा और बरदहिया चौक पर संत कबीर की प्रतिमा को संवारा गया। इसमें राजस्थान से आए पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए। इसके साथ ही तिरंगा लाइटें भी लगाई गईं।
यह सब कार्य हुए, लेकिन नगर पालिका इसकी देखरेख करना भूल गया। प्रतिमाओं पर धूल जमी है। इसके साथ ही आसपास गंदगी भी है। मुखलिसपुर तिराहे की प्रतिमा के पास छुट्टा पशु विचरण करते हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दल के नेताओं ने अपने बैनर, होर्डिंग, पोस्टर लगा दी है।
शहर के विनोद यादव, संजय चौरसिया, अनूप राय आदि ने कहा कि प्रतिमाओं की देखरेख होनी चाहिए। इसकी हर सप्ताह सफाई होनी चाहिए, जिससे प्रतिमाओं पर लगी धूल साफ हो सके।
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शहर में लगे प्रतिमाओं की साफ-सफाई कराई जाती है, अगर प्रतिमाओं के पास गंदगी व धूल है, तो उसे साफ कराया जाएगा, इसके लिए सफाई नायक को जिम्मेदारी दी गई है।
-विनय कुमार मिश्र, ईओ