संतकबीरनगर। यात्रियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने लिए प्रशासन की पहल रंग लाने लगी है। जहां जिले के मीरगंज में रोडवेज बस स्टेशन और कार्यशाला के निर्माण के लिए 15 करोड़ अवमुक्त हुए हैं वहीं मुखलिसपुर बस अड्डा के जीर्णोद्धार के लिए भी पांच करोड़ की मंजूरी मिली है। लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही दुश्वारियां दूर होंगी।
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ। तभी से लोग बस डिपो की मांग उठाते रहे। कई बार प्रशासन ने इसके लिए जमीन चिह्नित की और शासन को प्रस्ताव भेजा, लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन आड़े आ गईं। जिससे मेंहदावल बाईपास पर बने अस्थायी बस स्टैंड पर करीब 27 साल लोगों को खुले आसमान तले मौसम की मार झेलते हुए बसों का इंतजार करना पड़ा। इस बीच प्रशासन ने मीरगंज के पास परिवहन निगम के बस डिपो और कार्यशाला के लिए जमीन चिह्नित किया और इसे परिवहन निगम के नाम पर खतौनी में दर्ज कराया।
जमीन की अड़चन दूर हुई तो प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद 15 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ मुखलिसपुर बस अड्डा भी काफी बदहाल हो गया है।
इसके कारण परिसर में परिवहन निगम की बसें नहीं ठहरती हैं, इससे इस क्षेत्र के लोगों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही थी। अब प्रशासन ने इसके लिए भी पांच करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिया है। इससे उम्मीद जग गई कि परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा।