संतकबीरनगर। जिले में मिलावटी पनीर और खोआ की बिक्री का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे में इनकी खरीदारी से पहले सतर्कता बरतें वरना ये आपकी सेहत बिगाड़ देंगे। दो दिन पहले ही खाद्य विभाग की टीम ने सेमरियावां में एक दुकान से 10 किलो खराब खोआ जब्त कर उसे नष्ट कराया। बताया जा रहा है कि उसमें से दुर्गंध आ रही थी। टीम ने उसका सैंपल जांच के लिए भेजा है। इसके अलावा बीते करीब एक माह में 15 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मार्च और अप्रैल माह में जिले के विभिन्न जगहों से पनीर के सैंपल लिए थे। इसके बाद इसका सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पनीर में फैट की मात्रा नहीं थी। इसमें पाउडर और पाम ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया गया था। यह पनीर बाजार में 220 से 250 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। जबकि अगर दूध से पनीर बना है तो उसकी कीमत 360 से 400 रुपये प्रति किलो होती है। पनीर में फैट न होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
यही हाल खोआ का भी रहा। यह भी मिल्क पाउडर से बना मिला। इधर खाद्य विभाग की टीम ने अभियान चलाया है, जिसमें अब तक पनीर के 10 नमूने लिए हैं, वहीं खोआ के पांच नमूने लिए हैं। टीम ने सेमरियावां में बृहस्पतिवार को छापेमारी की तो 10 किलो खोआ मिला, जिसमे से दुर्गंध आ रही थी और उसे खपाने का प्रयास किया जा रहा था। टीम ने खोआ को नष्ट करा दिया। इसके साथ ही उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया।
पहले भी पकड़ा जा चुका है खराब खोआ और पनीर
सात माह पहले आजाद चौक पर 35 क्विंटल पनीर पकड़ा गया था। इससे दुर्गंध आ रही थी। यह पनीर गोरखपुर के खजनी से लाया गया था। उसे खाद्य विभाग की टीम ने नष्ट करा दिया। इसके साथ ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। वहीं मगहर की एक दुकान से 20 किलो खोआ भी नष्ट कराया। खोआ पूरी तरह खराब हो चुका था।
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जानलेवा हो सकता है नकली खोआ
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राम शंकर ने बताया कि नकली दूध, खोआ और पनीर जानलेवा हो सकते हैं। ये सीधे लिवर को प्रभावित करते हैं। इनसे किडनी फेल होने का भी खतरा रहता है। ऐसे में त्योहारी सीजन में पनीर और खोआ जांच परखकर ही खरीदें।
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स्वयं कर सकते हैं मिलावट की जांच
दूध में पानी की मिलावट की जांच करने के लिए सोख्ता (ब्लाॅटिंग) पेपर पर दूध के कुछ बूंद डालें। पानी को ब्लाॅटिंग पेपर सोख लेगा जबकि असली दूध पेपर पर नहीं रहेगा। खोआ में मिलावट का अंदाजा स्वाद से या सूंघ कर लगाया जा सकता है।
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लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सेमरियावां से दो दिन पहले 10 किलो खराब खोआ नष्ट कराया गया। उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। एक माह में पनीर और खोआ के 15 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन