फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: 15 साल बाद फिर जागा प्रशासन, अब अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर

Wed, 23 Aug 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
मेंहदावल बाईपास हाईवे के उत्तर तरफ ग्रीन लैंड में बने मकान। संवाद
विज्ञापन
- 2008-09 में तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने 529 लोगों के मकानों के ध्वस्तीकरण का दिया था आदेश
विज्ञापन


- करीब एक करोड़ रुपये का लगाया था जुर्माना, सिर्फ आठ लोगों से वसूले गए थे सात लाख रुपये
- नियत प्राधिकारी ने खंगालनी शुरू की पत्रावली, नए सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विनियमित क्षेत्र कार्यालय 15 साल बाद फिर जाग गया है। अब नए सिरे से नियत प्राधिकारी कोर्ट संबंधित लोगों को नोटिस भेजेगा और उनके मकानों पर लाल निशान लगवाएगा। इसके साथ ही अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाएगा। 15 साल पूर्व में नियत प्राधिकारी कोर्ट ने ग्रीन बेल्ट और विनियमित क्षेत्र के कृषि भूमि में बिना नक्शा के बनाए गए 529 अवैध मकानों को ध्वस्तीकरण किए जाने और करीब एक करोड़ रुपये जुर्माना का आदेश दिया था। तब से यह आदेश फाइलों तक सीमित था।
वर्ष 1987 में मगहर-खलीलाबाद विनियमित क्षेत्र घोषित हुआ था। इसमें 38 गांव शामिल हैं। विनियमित क्षेत्र के कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, सरैया की नवीन मंडी से लेकर मगहर दुर्गा मंदिर तक हाईवे के किनारे दोनों तरफ 110-110 फीट जमीन ग्रीन बेल्ट के नाम से दर्ज है। ग्रीनबेल्ट में मकान का नक्शा पास नहीं हो सकता है, लेकिन भूमि के स्वामी खुद मकान, दुकान बनवा लिए हैं। कुछ लोगों ने जमीन खरीद कर निर्माण करा लिया है। शहर के मेंहदावल बाईपास से गुजरे हाईवे पर दोनों तरफ सर्विस लेन के किनारे ग्रीन बेल्ट में कई अस्पताल, दुकान और रेस्टोरेंट व मकान बना लिए गए हैं। सरैया से लेकर मगहर की सीमा तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी तक ग्रीन बेल्ट है। सरैया, मड़या, नेदुला, छोटी सरौली, मेंहदावल बाईपास, डीघा, बंगलाताल, धौरहरा, भैसहिया, सेमरा, मगहर में ग्रीन बेल्ट में बड़ी संख्या में दुकानें, ढाबा और रेस्टोरेंट व घर बनाए गए है। इसी तरह विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि में धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2008-09 में आईएएस आलोक यादव की तैनाती खलीलाबाद तहसील में एसडीएम के पद पर हुई थी। वह विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी थे। उन्होंने ग्रीन बेल्ट और विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि में मकान बनवाने के प्रकरण में दर्ज वादों के निस्तारण में तेजी दिखाई थी। उन्होंने अवैध तरीके से बने मकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया था। जबकि करीब एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसमें करीब 100 मकान ग्रीन बेल्ट में बने हैं। शेष मकान विनियमित क्षेत्र की कृषि भूमि में है। सभी को नोटिस जारी किया गया था और जुर्माना नहीं जमा करने पर भू राजस्व की भांति वसूली की चेतावनी दी थी। आलम यह है कि सिर्फ आठ लोगों से सात लाख जुर्माना वसूला गया। तब से लेकर अब तक तैनात हुए नियत प्राधिकारी ने कोई रुचि नहीं दिखाई। यह आदेश सिर्फ फाइलों तक सीमित रहा। इधर, बेखौफ होकर लोग धड़ल्ले से मकान, दुकान, रेस्टोरेंट, अस्पताल आदि बनवाते जा रहे हैं। अमर उजाला में 13 अगस्त और 15 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबरों का डीएम ने संज्ञान लिया और एसडीएम सदर व विनियत क्षेत्र कार्यालय के नियत प्राधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दिया। नियत प्राधिकारी ने पूर्व में हुए ध्वस्तीकरण व जुर्माने की सभी 529 पत्रावलियों का संज्ञान लिया है। संबंधितों को नए सिरे नोटिस जारी किया जाएगा। मकानों पर लाल निशान लगाया जाएगा। ध्वस्तीकरण के साथ जुर्माना वसूलने की भी कार्रवाई होगी।






ग्रीन बेल्ट और विनियमित क्षेत्र के कृषि भूमि में नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता है। इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य कराए जाने का नियम नहीं है। एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे प्रकरणों में दर्ज वादाें की स्थिति जांचें और उसमें प्रभावी कार्रवाई कराएं। लंबित वादों का शीघ्रता से निस्तारण करें। - संदीप कुमार, डीएम
विज्ञापन








तत्कालीन नियत प्राधिकारी ने वर्ष 2008-09 में अवैध तरीके से निर्माण कराने वाले 529 लोगों के मकान ध्वस्तीकरण कराने और करीब एक करोड जुर्माने वसूलने का आदेश पारित किया था। कोर्ट के आदेश का अनुपालन क्यों नहीं हो पाया, यह नहीं बता सकते है,लेकिन नए सिरे से इस प्रकरण की पत्रावली का अवलोकन करके संबधितों को नोटिस जारी की जाएगी। संबंधितों के मकान पर लाल निशान लगवाया जाएगा। इसके अलावा ध्वस्तीकरण और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। -शैलेश दूबे, एसडीएम सदर, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर-खलीलाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें