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Sant Kabir Nagar News: तीन माह बीत गए, प्रशासन नहीं ढूंढ पाया जमीन

Mon, 13 Mar 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मगहर कस्बेे में बनी पानी की टंकी।संवाद
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20 करोड़ की लागत से मगहर में तैयार की जानी है पाइप लाइन पेयजल परियोजना
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तीन माह से अधिक वक्त गुजर चुके हैं, लेकिन प्रशासन 20 करोड़ रुपये की लागत से मगहर में तैयार होने वाली पाइप लाइन पेयजल परियोजना के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाया है। हालांकि, जलनिगम को जमीन मुफ्त में चाहिए। यही पेच प्रशासन के लिए सिरदर्द बना है। मगहर के लोग हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं।
अटल शहरी नवीनीकरण रूपांतरण मिशन के तहत नगर पालिका खलीलाबाद और नगर पंचायत मगहर में पाइप लाइन पेयजल की मंजूरी मिली है। इसके पीछे मंशा है कि नगरीय क्षेत्र में हर घर को शुद्ध पानी पाइप लाइन के जरिये मुहैया कराई जाए। इसमें विस्तारित क्षेत्रों और नई कॉलोनियों को भी शामिल किया जाना है। आलम यह है कि जल निगम शहरी की ओर से तीन महीने से अधिक समय से जमीन की मांग प्रशासन से की जा रही है। नगर पालिका खलीलाबाद में जमीन की व्यवस्था हो गई है, जबकि नगर पंचायत मगहर में जमीन नहीं मिल पा रही है।
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जल निगम शहरी के एक्सईएन सुदेश कुमार ने बताया कि मगहर में 20 करोड़ से पेयजल की परियोजना तैयार की जानी है। पूर्व में मगहर में जो ओवरहेड टैंक बना है, उसकी क्षमता कम है और पूरे कस्बे में जलापूर्ति नहीं पहुंच पाई है। इसी वजह से नई परियोजना के तहत काम कराना है, ताकि पूरे कस्बे को पेयजल की आपूर्ति की जा सकें। इसके लिए दो जगह 1000-1000 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। इसमें ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल बनाना है। जमीन नहीं मिल पाने की वजह से मगहर की परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है। खलीलाबाद में जमीन मिल गई है। शहर को नौ जोन में बांटकर करीब एक अरब की परियोजना तैयार कराई जा रही है।

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मगहर में दूषित पानी पीने से 25 लोग हुए थे बीमार
नगर पंचायत मगहर में 13 वार्ड हैं। यहां की आबादी करीब 40 हजार है। करीब एक साल पहले नगर पंचायत मगहर में दूषित पानी पीने से 25 लोग बीमार हो गए थे। इनमें से 12 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया था। तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच कराई तो दूषित पानी की वजह सामने आई थी। जांच में पता चला था पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से गंदगी युक्त पानी की आपूर्ति हो रही थी। बाद में नगर प्रशासन ने कमी को दूर करा दिया था।
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जमीन के अभाव में तीन निकायों में नहीं बन पा रहा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
करीब छह महीने से निशुल्क जमीन नहीं मिल पाने की वजह से खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं हो पा रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के पीछे शासन की मंशा हैं कि नालों, नालियों का पानी साफ करके ही नदियों में गिराया जाए, ताकि नदियों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। जमीन के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी के एक्सईएन कई बार डीएम, एडीएम और एसडीएम को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन प्रशासन निशुल्क जमीन खोज ही नहीं पा रहा है।
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कोट
जल निगम शहरी के एक्सईएन ने खलीलाबाद, मगहर और बखिरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन की मांग की हैं। जमीन की तलाश की जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है। जरूरत के हिसाब से फिलहाल जमीन मिल नहीं पाई है। प्रयास जारी है। मगहर में पेयजल परियोजना के लिए दो-तीन स्थानों पर जमीन की तलाश कराई गई है। जल निगम के अधिकारी जिस जमीन को उपयुक्त बताएंगे, उसे उपलब्ध करा दिया जाएगा।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एडीएम
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