सांथा क्षेत्र के अतरी नानकार गांव के अनशनकारियों को शुक्रवार को मनाने के लिए एडीएम मौके पर पहुंचे। करीब 40 मिनट तक हुई वार्ता के बाद भी बात नहीं बन पाई। अनशनकारियों ने स्पष्ट कहा कि अनियमितता में निलंबित कोटे की दुकान को एसडीएम रामजीवन ने रकम लेकर बहाल कर दिया। ऐसे में कोटा निरस्त किया जाए और जखनिया गांव के कोटे की दुकान से अटैच किया जाए।
एसडीएम का स्थानांतरण कराने के लिए डीएम के जरिए निर्वाचन आयोग को डीओ लेटर भेजा जाए। एडीएम जब एसडीएम के स्थानांतरण के मुद्दे पर पीछे हट गए ,वहीं विवादित कोटे की दुकान को दूसरी जगह अटैच करने के बजाए रोक लगाने की बात करने पर अनशनकारी भड़क गए और अनशन जारी रखने की चेतावनी दी।
एडीएम के पी यादव मेंहदावल तहसील में चल रहे आमरण अनशन स्थल पर पहुंचे। जहां अनशन की अगुआई कर रहे नरेंद्र पांडेय ने वार्ता हुई। उनका आरोप था कि अनियमितता के आरोप में सात माह पूर्व निलंबित कोटे को एसडीएम ने रकम लेकर बहाल कर दिया।
ऐसे में उनके गांव के कोटे की दुकान को निरस्त करते हुए नए सिरे से चयन की प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके साथ ही एसडीएम के यहां से हटाए जाने के लिए डीएम के जरिए निर्वाचन आयोग को डीओ लेटर लिखा जाए। अन्यथा की दशा में आमरण अनशन जारी रखा जाएगा। इस दौरान वीरेंद्र सिंह, अवधराज यादव,राम नरेश,राजेश निषाद, कैसरजहां, श्याम धर चौधरी, बालचंद, रमाकांत, बृजेश कुमार पांडेय, खुशियाल, राम प्रसाद सुभावती देवी, विद्यावती देवी, अमरनाथ, रामनरेश, श्यामधर, लालपरी, सरोज, राजेश्वरी, किरन, राजेश, प्रकाश, चंद्रबली, पूर्णमासी, प्रमोद, जगरनाथ आदि मौजूद रहे।