केस-1 ः महुली कसबा के दक्षिण चौराहे पर लगा 100 केवीए चार दिन पूर्व जल गया। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत उपकेंद्र पर दर्ज कराने के साथ स्थानीय जेई एवं लाइनमैन से भी की। लेकिन गांववाले अभी भी ट्रांसफार्मर बदले जाने के इंतजार में हैं।
केस-2 ः चार दिन पहले तरयापार के महुअवाडाड़ में लगा 25 केवीए ट्रांसफार्मर जल गया। लोगों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन विभागीय कर्मियों ने इसे बदलवाने में रुचि नहीं दिखाई। बरसात के मौसम में लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ रही है।
केस-3 ः पिड़िया बेलहरा गांव में लगा 100 केबीए का ट्रांसफार्मर जले हुए चार दिन बीत चुका है। यहां के लोगों को बिजली बिना सांसत झेलनी पड़ रही है। शिकायत के बाद भी अब तक गांव का ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से लोगों में रोष है।
मुखलिसपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में ट्रांसफार्मर फुंकने से आपूर्ति ठप है। बिजली महकमे तक इसकी जानकारी है। लेकिन इन्हें नहीं बदला गया। जबकि विभाग के एमडी का सख्त निर्देश है कि शहरी इलाकों में 24 और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे के भीतर जले ट्रांसफार्मर बदल दिए जाएं।
महुली कसबा के करैली दास कुटी के पास रहने वाले मोहम्मद आलम, अंगद प्रसाद, सुनील राजभर, डॉक्टर रामअवध, हफीज अंसारी, सग्गीर, राधेशयाम गुप्ता, कुशहार, अखतर खान रिंकू दूबे, दिलीप यादव आदि लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना विभाग के लोगों को उसी दिन दे दी गई। लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया।
लोहिया समग्र गांव तरयापार के ग्राम प्रधान यादवेश यादव ने बताया कि बिजली गुल होने से महुअवाडाड पुरवा के लोगों में भी विभाग के खिलाफ नाराजगी है। पिड़िया बेलहरा के ग्राम प्रधान संतोष यादव, अर्जुन यादव, रामकुमार, राजकुमार साहनी आदि ने ट्रांसफार्मर न बदले जाने की शिकायत एक्सइएन से की है।
एक्सईएन रामपाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे में ट्रांसफार्मर बदले जाने का उच्चाधिकारियों का निर्देश है। इसमें लापरवाही क्यों हुई जांच कराई जाएगी। साथ ही जले ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलवाया जाएगा।
हर्जाने का है नियम ः विद्युत प्रदाय संहिता में बिजली उपभोक्ताओं को बिना पूर्व सूचना या विभागीय लापरवाही के चलते आठ घंटे से ज्यादा बिजली गुल रहने पर विभाग की ओर से मुआवजा पाने का हक है। हालांकि सूबे में अभी तक इस संबंध में किसी भी उपभोक्ता की ओर से दावा नहीं किया गया है।