नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को सक्रिय करने की तैयारी
- किराए का भुगतान न होने से बंदी के कगार पर पहुंच गए थे उपकेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। किराए के भुगतान न होने से जिले के कई उप स्वास्थ्य केंद्र बंद हो गए थे। कुछ बंदी के कगार पर थे। अब शासन ने इसकी सुधि ली है और किराए का भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे इनके सक्रिय होने की संभावना बढ़ गई है।
शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में 68 स्वास्थ्य उपकेंद्रों की मंजूरी दी। इन उपकेंद्रों भवन के लिए ग्राम पंचायतें से जमीन ली जानी है। व्यवस्था यह दी गई कि जब तक नया भवन नहीं बन जाता है तब तक इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को किराए के भवन में संचालित किए जाए।
इसके लिए तय किया गया है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए तीन कमरे, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और पेयजल की उपलब्धता होनी चाहिए। किराए के भवन के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह तय किया गया है।
इसके साथ ही पजराभेरी, बरडाड़, गंगौरा, देवरिया, मीरापुर, मुडे़री, भिटिया, गजौली, पिपरा प्रथम, कैथवलिया, भिदौरा पिकौरा, चंगेरा-मंगेरा, चमरसन, मजगांवा, बेलपोखरी, महदेवा, फेरूसा, शिवसरा, भगता, सरौली सहारुम, पानाराम, कटका, रसूलाबाद, कटबंध आदि स्थानों पर किराए के भवन में उपकेंद्र स्थापित भी हो गए।
जिसका उद्घाटन आन लाइन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2021 में किया। शुरूआत के एक-दो माह यह उपकेंद्र सही से संचालित हुए, लेकिन बाद में भवन मालिक किराए के भुगतान की मांग करने लगे, लेकिन शासन ने बजट ही उपलब्ध नहीं कराया।
जिसके कारण यह स्वास्थ्य उपकेंद्र बंदी के कगार पर पहुंच गए, लेकिन अब एक बार फिर इन उपकेंद्रों को सक्रिय करने की तैयारी चल रही है।
इस संबंध में एसीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि किराए के भवन में संचालित उपकेंद्रों के किराए का भुगतान शुरू हो गया है। जल्द ही सभी उपकेंद्र पूरी तरह से सक्रिय हो जाएंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।