संतकबीरनगर। राजकीय महाविद्यालय बाराखाल, मेंहदावल के इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर दिलीप कुमार को छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने व यौन उत्पीड़न के मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से गठित टीम की 19 दिन की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर से संबंधित मामले की जांच के लिए विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में तीन सदस्य टीम का गठन चार जून को किया गया। शिकायतों की जांच के बाद टीम ने 23 जून को रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति द्वारा जांच में पाया गया कि डॉक्टर दिलीप कुमार द्वारा छात्राओं के प्रति अनुचित एवं मर्यादाविहीन व्यवहार किया जाता था। शारीरिक शोषण तथा व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए जाते थे।
छात्राओं के मोबाइल नंबर लेकर अनावश्यक बातचीत व आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं। जांच समिति ने इसे एक शिक्षक एवं राजकीय शिक्षक से अपेक्षित नैतिक व सेवा आचरण के प्रतिकूल माना तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की। जांच समिति ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह परीलक्षित होता है कि डॉक्टर दिलीप कुमार द्वारा कार्यस्थल पर अध्ययनरत छात्राओं के साथ ऐसा आचरण किया गया जो सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह अभी कहा कि यदि संबंधित को वर्तमान में अपने पद पर कार्यरत रहने दिया जाता है तो उनके द्वारा साक्ष्य को प्रभावित किया जा सकता है तथा गवाहों पर भी प्रतिकूल असर डाला जा सकता है। ऐसी स्थिति में विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने हेतु उनका पद पर बने रहना न्याय उचित नहीं है।
रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 29 जून को डॉक्टर दिलीप कुमार को निलंबित कर दिया गया।