- अपर सिविज जज व सीजेएम न्यायालय ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सिविल जज सीडी व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी की कोर्ट ने जालसाजी, धोखाधड़ी, अभिलेख की कूट रचना कर उसका दुरुपयोग करने, लेटर पैड बनाना, फर्जी मोहरें बनाने के मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्ति को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता संपूर्णानंद पाठक ने बताया कि थाना मेंहदावाल के रहने वाले शिकायतकर्ता पूर्व विधायक मंत्री चंद्रशेखर सिंह की तहरीर के आधार पर थाना मेंहदावाल पुलिस ने 20 मार्च 1995 को सुबह 11:40 बजे स्थान ग्राम बेलवनवा मेंहदावल जिला बस्ती वर्तमान समय संतकबीरनगर के आरोपी विनोद कुमार उर्फ अतुल सिंह के कमरे की तलाशी ली गई। वहां से उत्तर प्रदेश विधान मंडल के सदस्यों के लिए उत्तर रेलवे के रेलवे यात्रा कूपन, सरकारी व कई कॉलेजों के मोहर, राजनीतिक पार्टी के लेटर पैड आदि बरामद किए।
जिसके आधार पर थाना मेंहदावल में आरोपी विनोद सिंह उर्फ अतुल सिंह के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के आधार पर छल, धोखाधड़ी, कूट रचना, जालसाजी तथा अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने कोर्ट में आरोप से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की। कोर्ट में साक्षी गौतम प्रसाद यादव समेत चार गवाहों ने गवाही दी। कोर्ट ने पक्षों की बहस को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, अभियोजन के गवाहों के बयान विश्वसनीय नहीं होने विनोद कुमार उर्फ अतुल सिंह निवासी बेलवनवा थाना मेंहदावल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।