संतकबीरनगर। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते गोवध निवारण अधिनियम के वर्ष 2007 के पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध कर दिया। सीजे (एसडी)/एसीजेएम न्यायालय ने गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी पट्टू को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2007 में बखिरा थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बखिरा कृष्णमोहन सिंह की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार आरोपी पट्टू के कब्जे से दो प्रतिबंधित गोवंशीय पशु बरामद किए गए थे। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जयप्रकाश यादव ने की थी। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
सोमवार को न्यायालय में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके आधार पर न्यायालय ने उसे संबंधित धाराओं में दोषसिद्ध करते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।