मेंहदावल बाईपास पर गुरुवार को वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाकर एसपी विक्रमादित्य सचान ने यातायात माह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद व्यापारियों से यातायात व्यवस्था की दिक्कतों की भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि लोगों ने शहर में ले जाकर वाहनों में सवारियां भरने से जाम की समस्या की जानकारी दी। एसपी ने सीओ आर के सिंह और टीएसआई अजीत सिंह को निर्देश दिया कि कोतवाली पुलिस के सहयोग से शहर के अंदर घुसकर सवारियां भरने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निर्धारित टैक्सी स्टैंड पर ही सवारी वाहन खड़े किए जाएं। कार्यक्रम में व्यापारी नेता बनार्जी लाल अग्रहरि, अमित जैन, श्रवण अग्रहरि, कैलाश रुंगटा, प्रहलाद वर्मा, सतविंदपाल उर्फ जज्जी ने बताया कि मुखलिसपुर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसकी वजह से मुखलिसपुर रेलवे क्रासिंग बंद है।
धनघटा की तरफ आने और जाने के लिए त्रिपाठी मार्केट होकर ही वाहनों का शहर में संचालन हो रहा है। बिधियानी मोड के पास टैक्सी स्टैंड है, लेकिन सवारी वाहन शहर के अंदर घुस रहे हैं। जिसकी वजह से जाम की लग रहा है। एसपी ने तत्काल इस व्यवस्था को सुधारने के लिए संबंधित वाहनों के के मालिकों को नोटिस जारी करके यह चेतावनी देने का निर्देश कि यदि शहर के अंदर वाहन सवारी भरते मिले तो कार्रवाई की जाएगी। हाईवे पर जगह-जगह पानी निकलने के लिए बने स्थानों से बाइक सवार एक दिशा से दूसरी दिशा में जाते हैं और असावधानी की वजह से हादसे के शिकार हो जाते हैं।
मगहर दुर्गा मंदिर, सेमराबाईपास, सोनी होटल, नेदुला चौराहा, सरैयाबाईपास, मनियरा, कांटे तिराहे आदि स्थानों पर अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। यहां सड़क पर मुड़ने के लिए संकेतक की व्यवस्था कराए जाने की जरूरत है। स्कूल वाहनों में छात्रों को मानक से अधिक बैठाया जा रहा है। स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर व्यवस्था सुधारने की पहल की जाए। चालकों का नेत्र परीक्षण कराया जाए और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
कोहरे का समय रहा है। हाईवे पर खराब होने वाले बड़े वाहनों को समय से हटवाया जाए, अन्यथा की दशा में उससे टकरा कर लोग हादसे के शिकार हो जाएंगे। एसपी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सुझाव को जायज ठहराते हुए इन समस्याओं को दूर कराने का मातहतों को निर्देश दिया। विविध कार्यक्रमों और रैलियों के माध्यम से लोगों को नियमों की जानकारी देने के साथ पालन कराए जाने के प्रेरित करने पर जोर दिया।