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आयुष्मान कार्ड बनाने में निचले पायदान पर जिला

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धमइचा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : KHALILABAD
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आयुष्मान कार्ड बनाने में निचले पायदान पर जिला
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- 10 मार्च से शुरू हुआ विशेष अभियान, 14 मार्च तक बने 331 कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। लोगों को पांच लाख तक की चिकित्सा निशुल्क उपलब्ध कराने वाली आयुष्मान कार्ड योजना अव्यवस्था का शिकार हो गई है। कहीं बीएलई नहीं पहुंच रहे हैं तो कहीं सर्वर का संकट बना हुआ है। इसका असर यह है कि 10 मार्च से आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए चल रहे अभियान में 14 मार्च तक की रिपोर्ट में जिला 75 वें नंबर पर है। इसको लेकर डीएम दिव्या मित्तल काफी सख्त हो गई हैं। अब स्वास्थ्य महकमा रैंक सुधारने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना में आयुष्मान कार्ड योजना शामिल हैं। इसके योजना में गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कार्ड के जरिए कार्ड होल्डर को पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा किसी भी अस्पताल में मिल सकती है। इसी बीच सरकार ने 10 मार्च से 24 मार्च तक निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए प्रयास तेज किया लेकिन शुरूआत से अभियान अव्यवस्था का शिकार हो गया। डीघा, जंगलऊन, मोहद्दीपुर, कोनी, धौरहरा आदि गांवों में लोग इंतजार करते रहे लेकिन बीएलई ही नहीं पहुंचे। इधर 14 मार्च तक आयुष्मान कार्ड बनाने की जो प्रगति रिपोर्ट आई उसमें जिले की रैंक 75वां है। अभियान में मात्र 331 कार्ड ही बने हैं। इसको लेकर डीएम दिव्या मित्तल ने नाराजगी व्यक्त किया और निर्देश दिया कि रैंक सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाया जाए।
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इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि यह सही है कि रैंक काफी खराब है। इसमें सुधार के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच टीमें लगाई गई है। साथ ही विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों व आशा कार्यकर्ताओं को लगाकर कार्ड बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां खामियां है उसे ठीक कराया जा रहा है।
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