मगहर। आमी नदी का पानी एक बार फिर प्रदूषित हो गया है। नदी में मछलियां मरने लगी हैं। आसपास की फैक्टरी से छोड़ा गया केमिकल युक्त पानी से नदी के आसपास बसे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मगहर के कबीर चौरा स्थित आमी नदी के तट हर साल छठ पूजा धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस बार पानी के प्रदूषित होने के चलते महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। पानी से दुर्गंध भी उठ रहा है।
मगहर नगर पंचायत की एक बड़ी आबादी निषादों की है। जिनका आमी नदी में मछली मारकर जीवन यापन चलता है। इस समय नदी का पानी जहरीला हो चुका है। इससे मछली पालन करने वाले लोग परेशान हैं। पानी के प्रदूषित होने के चलते मछलियां मर रही हैं। उससे उठने वाली दुर्गंध से कबीर दर्शन को आने वाले पर्यटकों पर भी असर पड़ रहा है। यहीं नहीं नदी के जल के प्रदूषित होने से रसूलाबाद, कूईकोल, मोहिउद्दीनपुर, इस्लामनगर सहित कई गांव के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं।
नगर के सेराज खान, त्रिलोकीनाथ वर्मा, हाफिज जमील अहमद ने प्रशासन से अपील की है कि आमी नदी को प्रदूषित होने से बचने के लिए आगे आएं। इधर कबीर चौरा के संत डाॅक्टर हरिशरण शास्त्री का कहना है कि कारखाने से केमिकल युक्त पानी नदी में जाने से दोबारा आमी नदी दूषित हो रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण पिछले हफ्ते मछलियों का पानी की सतह पर उतरा कर मरना है।