संतकबीरनगर। केंद्रीय बजट में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाने और जिस जिले में ट्रामा सेंटर नहीं है, वहां ट्रामा सेंटर बनाने की घोषणा हुई है। इससे लोगों में खुशी है। जिले में अब स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद जगी है। अभी गंभीर मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ जाना पड़ता था।
जिला अस्पताल में की क्षमता 200 बेड का है। यहां पर आईसीयू, पीआईसीयू की सुविधा है। इमरजेंसी में ज्यादातर गंभीर मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है। जिसकी वजह से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज या लखनऊ रेफर हो जाते है। जिले में ट्रामा सेंटर न होने से गंभीर मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है। इस बार बजट में हर जिले में ट्रामा सेंटर की बात कही गई है। जिसका लोगाें ने स्वागत किया है। बंजरिया निवासी विनोद कुमार, अचकवापुर निवासी रूद्रनाथ मिश्र, नेदुला निवासी योगेंद्र राजभर, संगीता, अनिरुद्ध सिंह आदि ने कहा कि इस बार सरकार ने बजट में जिले के ट्रामा सेंटर की बात कही है। इस योजना को धरातल पर लाना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को विशेष जांच की सुविधा भी देनी चाहिए। जिसमे एमआरआई सबसे महत्वपूर्ण जांच है। इसके लिए दूसरे जिले में जाना पड़ता है। अगर यह जिले को मिल जाए तो बेहतर होगा।
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ट्रामा सेंटर बनाने की बात बजट में कहा गया है। यह जिले के लिए बहुत ही उपयोगी होगा। हादसे में गंभीर घायलों को इलाज नहीं मिल पाता है। जिन्हे अन्य जिलों में जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ोतरी के लिए सरकार बजट कारगर होगा। - सूरज मिश्र, निवासी गोला बाजार
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बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया गया है। अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो इससे जिले को लाभ मिलेगी। अभी स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर मात्र एक जिला अस्पताल ही है। जहां पर काफी भीड़ होती है। ट्रामा सेंटर बनने से कुछ राहत मिलेगी। - विनोद कुमार यादव, निवासी बंजरिया