संतकबीरनगर। राज्य कर्मचारी का दर्जा व निश्चित मानदेय के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर सीएचसी पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगाने से आक्रोशित आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को काला दिवस मनाया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षक को सौंपा।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सरोज यादव के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर पहुंची और बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय का विरोध किया। जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ईमानदारी से कार्य कर रही है, लेकिन सरकार आशा और आशा संगिनी के मांगों की उपेक्षा कर रही है।
एसएनए स्पर्श पोर्टल लांच होने के बाद से ही पारिश्रमिक का भुगतान सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। हमें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए छह माह तक हड़ताल पर रोक लगा दी है, यह हमारे सांविधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि सरकार को वार्ता बुलाकर आशा और आशा संगिनी की मांगों का निस्तारण कराया चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार आशा और आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित करें और निश्चित मानदेय प्रदान करें। प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान डाॅ. वरुणेश दूबे, बीपीएम अभय त्रिपाठी, मुन्नी देवी, कौशिल्या देवी, आरती देवी, रेनू देवी, यशोदा देवी, मनीषा यादव, बासमती, अंजू देवी, प्रमिला देवी, सुधा देवी, रंजना देवी आदि मौजूद रहीं। इसी क्रम में जिले के विभिन्न ब्लाॅकों में भी आशा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय का विरोध किया।