संतकबीरनगर। जनपद के सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अब सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों का चरणबद्ध तरीके से सुरक्षा ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन कराया जाएगा। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई हैं।
जिले में 1247 परिषदीय, 34 सहायता प्राप्त, 280 माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। ऑडिट में विद्यालय भवन की मजबूती से लेकर आग और विद्युत सुरक्षा, आपदा से निपटने की तैयारी, पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं की जांच होगी। इसके लिए राज्यस्तर से टीम गठित की गई है। इनमें सिविल और स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ, फायर व इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके लिए एआई लैस समर्पित नाम से मोबाइल एप विकसित किया गया है। नई व्यवस्था से विद्यालयों में मौजूद सुरक्षा खामियों को दूर कर उन्हें अधिक सुरक्षित और आपदा प्रतिरोधी बनाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की गाइडलाइन के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप मूल्यांकन किया जाएगा। निरीक्षण के बाद प्रत्येक विद्यालय की सुरक्षा स्थिति और सामने आई कमियों का विश्लेषण होगा।
डीआईओएस उपेंद्र कुमार ने बताया कि गाइड लाइन के अनुसार विद्यालयों का मूल्यांकन होगा।
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आपातकालीन तैयारियों का ब्योरा भी दर्ज होगा
एप में विद्यालय की सुरक्षा से संबंधित जानकारी दर्ज होगी। विद्यालय भवन की संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, आपदा जोखिम और आपातकालीन तैयारियों का ब्योरा भी दर्ज होगा। विद्यालय सुरक्षा प्रबंधन, पेयजल व स्वच्छता व्यवस्था की फीडिंग पूरी करने के बाद एप ऑटो चेकिंग कर यह बताएगा कि स्कूल की सुरक्षा में क्या जरूरत है। इससे शासन-प्रशासन उन कमियों को दुरुस्त कर सुरक्षा दायरा मजबूत कर सकेंगे। सुरक्षा ऑडिट से पहले जिलास्तरीय स्कूल सुरक्षा समन्वय समिति बनेगी। समिति के अध्यक्ष डीएम होंगे। समिति में बीएसए, डीआईओएस, डायट प्राचार्य को शामिल किया जाएगा।