धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघापुर से टेटार गांव के सिवान तक अजगर ने ठिकाना बना लिया है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। बच्चों को घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। परिवार की सुरक्षा के लिए लोग रतजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अजगर को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। इसको लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
कठिनइया नदी के किनारे बसे सिंघापुर गांव से टेटार सिवान तक एक पखवाड़े से अलग-अलग जगह पर अजगर दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अजगरों की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है। गांव के परिषदीय विद्यालय के पीछे बाग में तो अजगर ने जमीन के अंदर मान (गुफा) बना लिए हैं। इससे ग्रामीण दहशतजदा हैं। आबादी क्षेत्र के निकट अजगर दिखने से लोगों का चैन सुकून छिन गया है।
गांव के पूर्व प्रधान बंशी धर पांडेय, संजय पांडेय, महात्म चौधरी, राकेश, बाल कृष्ण, बलिराम आदि ने बताया कि गांव के निकट अजगर के विचरण करने से काफी भय बना हुआ है। वन विभाग की टीम इसके प्रति लापरवाह बनी हुई है। जिला प्रशासन तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए अजगरों को पकड़कर जंगल ले जाकर छोड़ने की व्यवस्था करे। अगर इसमें लापरवाही की गई तो आंदोलन होगा।
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तीन बकरियों को बना चुके हैं शिकार
सिघापुर के ग्रामीणों ने बताया कि अजगर अब तक तीन बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। टेटार गांव के अली रजा, हद्दीस, मजीद की एक-एक बकरी को चरते समय अजगर ने जकड़ कर मौत के घाट उतार दिया है। इस घटना से पशु पालकों में भय बना हुआ है।
मामला संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी हुई है। मौके पर जाकर रेक्सयू कर अजगर को पकड़ा जाएगा। -विवेक कुमार पाठक, वन दरोगा