संतकबीरनगर। हत्या का प्रयास करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने पांच वर्ष कारावास और छह हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
थाना महुली अंतर्गत ग्राम बेलाडीह निवासी रामकमल यादव ने थाना महुली में 11 नवंबर 2009 को तहरीर दिया और आरोप लगाया कि रमेश उसके दरवाजे के सामने गंदगी फैला रहा था मना करने पर उसके लड़के अरविंद को दरवाजे पर उषा, अंजन और कुसुम ने पकड़ लिया और रमेश ने उसके सिर पर सरिया से गंभीर चोट पहुंचा कर घायल कर दिया। अरविंद को इलाज के लिए खलीलाबाद, उसके बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर तथा पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया।
थाना महुली में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट ने कुमारी अंजन की पत्रावली को अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। रमेश व कुसुम पत्नी हरिओम के कोर्ट में विचारण प्रारंभ हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी कुसुम को दोष मुक्त करते हुए मामले में दोषी पाए जाने पर रमेश को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई।