दुधारा में नहर में होल से गेंहू फसल को डूबने के कगार पर, किसानों ने प्रदर्शन कर जताई नाराजगी-सं
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सेमरियावां। ब्लाॅक में सरयू नहर की उप शाखा नहर करही राजवाहा में सिंचाई के लिए छोड़ा गया पानी किसानों के लिए मुसीबत बन रहा है। उप शाखा करही राजवाहा से दुधारा निकली माइनर नहर में जगह-जगह होल है। बिना होल बंद किए पानी छोड़ दिया गया है। इससे दुधारा गांव के पूरब व पश्चिम सिवान में लगभग 50 बीघा गेहूं की फसल डूब गई है। इससे फसल खराब होने की आशंका है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से उन्हें हर साल नुकसान उठाना पड़ रहा है। नाराज किसानों ने दुधारा में प्रदर्शन करते हुए विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फसलों की सिंचाई के लिए सरयू नहर की उप शाखा करही राजवाहा करमाखान, कड़जा, पिपरा गोविंद, कोहरियावां, मूड़डीहाबेग, दरियाबाद, दुधारा से आगे तक निकली है। चार दिन पहले नहर में पानी छोड़ा गया। इस समय नहर उफान पर है। दुधारा में किसान फखरूलहसन, अख़्तर हुसैन, समीउल्लाह, महबूब, किशन, , जावेद अहमद, मौलाना अल्ताफ, अब्दुल अजीज आदि ने बताया कि दुधारा में दलित बस्ती से पूरब तक नहर में कई जगह होल है। नहर का पानी गेहूं की फसल को बर्बाद का रहा है। बताया कि हर साल किसानों का नुकसान होता है।
पिछले साल भी नहर में पानी छोड़ा गया तो दुधारा व देवरिया के बीच नहर कट गई। कटान से दुधारा, हटवा, देवरिया शेख, परसा सेख, पिपरा हंकार व सिसवा दाखिली की करीब 500 बीघा गेहूं की फसल डूब गई थी। उससे पहले भी बुआई के दस दिन बाद ही नहर कट गई थी, जिससे नुकसान उठाना पड़ा था। हर बार नुकसान होता है। कोई सुनवाई नही हो रही है। बिना होल बंद किए पानी छोड़ना विभागीय अधिकारियों की लापरवाही दर्शाता है। अधिकारियों की लापरवाही का खमियाजा किसान को उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।