संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में शहर के एक मैरिज हाल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका का भव्य मंचन हुआ।
रंग, राग और लोक संस्कृति से सजे इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांधा। कार्यक्रम में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व, राष्ट्रप्रेम और देश की एकता-अखंडता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन और राष्ट्रनिर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्य एवं संगीतमयी नृत्य नाटिका आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, लोक परंपराओं और राष्ट्र प्रेम की भावना को मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरनाथ पांडेय ने किया। आयोजक देवी प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय लोक संस्कृति और राष्ट्र के महान नायकों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। समारोह में डॉ सुधांशु मिश्र, सुदर्शन प्रसाद त्रिपाठी, गिरिवर पटेल, संत चौधरी, महेश शुक्ला, पंकज मिश्रा, विनय मिश्रा आदि मौजूद रहे।