- फाॅर्म सात पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मतदाता सूची से नाम काटने की कोशिश के लग रहे आरोप, सपा और कांग्रेस ने उठाई केस की मांग
संतकबीरनगर। एसआईआर के तहत मतदाता सूची में संशोधन की कवायद के बीच फाॅर्म सात के जरिये मतदाता सूची से नाम कटवाने के आरोप में हंगामा बढ़ने लगा है। आरोप है कि फॉर्म-7 पर फर्जी हस्ताक्षर कर शिफ्टेड, मृतक, डुप्लीकेट बताकर नाम कटवाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया कि पूरी-जांच पड़ताल के बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़े और हटाए जा रहे हैं।
फार्म सात को लेकर बढ़ रहा विवाद प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। साजिश के तहत मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने के अरोप के साथ विरोध शुरू हो गया है। पहले मेंहदावल में इसे लेकर विरोध हुआ फिर सेमरियावां में भी विरोध शुरू हो गया। इसे लेकर सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर हंगामा किया और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की मांग की। हालांकि, अधिकारियाें का दावा है कि बिना जांच के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।
सेमरियावां संवाद के मुताबिक सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के करही, उसरा शहीद, भरवलिया बूधन, तिनहरामाफी, नबीपुर, सालेहपुर, हड़हा, धरुई, देवरिया विजई समेत कई गांवों में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-सात (मतदाता सूची से नाम हटाने का फॉर्म) का दुरुपयोग कर मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटवाने के आरोप लगे हैं। इन गांवों के लोगों का आरोप है कि एक पार्टी से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से फॉर्म-7 पर प्रिंटेड नाम भरकर जमा किए हैं। जिसमें मतदाताओं को मृत, अनुपस्थित या डुप्लीकेट बताकर नाम हटवाने की कोशिश की गई है, जबकि वे जीवित हैं और एसआईआर की पहली प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ताओं एक विशेष वर्ग के लोग ज्यादा हैं।
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मैं गांव का बीडीसी सदस्य हूं। मेरा नाम बूथ संख्या 77 की मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन, मेरे समेत कई लोगों को शिफ्टेड, मृतक, डुप्लीकेट बताकर नाम काटने की कोशिश हो रही है। फार्म पर कुछ बाहरी लोग गांव के लोगों का फर्जी हस्ताक्षर कर जिंदा और मौजूदा वोटरों के नाम काटने का खेल कर रहे हैं। -इजहार अहमद, निवासी करही
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करही गांव के बूथ संख्या 77 की मतदाता सूची में मतदाता हूं। गांव के एक व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर से मेरा और मेरी मां का नाम काटने के लिए फार्म सात प्रिंट करके बीएलओ को दिया गया है। उस पर मेरा हस्ताक्षर फर्जी है। इसमें प्रशासन को जांच करनी चाहिए। ऐसे लाेगों पर कड़ी कार्रवाई होगी, तभी यह खेल रुकेगा। -इमादादुल्लाह निवासी करही
बूथ संख्या 77 में मतदाता सूची में नाम दर्ज है। लेकिन फॉर्म-7 पर फर्जी हस्ताक्षर करके जमा किया गया। एक विशेष वर्ग के वोटरों का नाम मतदाता सूची से काटने की साजिश रची जा रही है। गांव के लोग जागरूक हैं। लोगों की मंशा कामयाब नहीं होने पाएगी। -जमील अहमद, करही
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मतदाताओं को मृत, अनुपस्थित, या डुप्लीकेट बताकर नाम हटवाने की कोशिश की गई है। मेरा जन्म 13/ 07/1990 को करही गांव में हुआ है, तबसे लेकर आज तक मैं अपने इस पते पर रह रहा हूं। गांव के कुछ असामाजिक व दूषित मानसिकता के लोग मेरा वोट कटवाने के लिए फार्म 7 भर कर उस में यह लिख कर दिए हैं कि यह कहीं और शिफ्ट हो गए हैं। -तबरेज अहमद, करही
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फाॅर्म सात को लेकर मेंहदावल और खलीलाबाद क्षेत्र के सेमरियावां में कुछ शिकायतें मिली हैं। फाॅर्म सात कोई भी जमा कर सकता है, लेकिन बीएलओ इसकी पूरी जांच करेंगे। घर जाकर जांच करेंगे उसके बाद ही इस पर निर्णय होगा। जो शिकायतें आ रही हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। -आलोक कुमार, डीएम
इन गांवों में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए दिए गए फार्म-7
- करही गांव में पांच बूथ पर - 330 फार्म
- उसरा शहीद गांव में चार बूथ पर - 600 फार्म
- सालेहपुर गांव में तीन बूंद पर - 245 फार्म
- भरवलिया बूधन दो बूथ पर -119 फार्म
- तिनहरी माफी दो बूथ पर - 136 फार्म
- नबीपुर एक बूथ पर -44 फार्म
- हड़हा दो बूथ पर - 95 फार्म
- ऐसे ही धरूई, देवरिया विजई गांव के बूथ पर फार्म सात पर नाम प्रिंटेड करके दिया गया है।
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फॉर्म-7 भरने पर ऐसे कटता है नाम
-फॉर्म-7 भरने से तुरंत नाम नहीं कटता। यह सिर्फ एक आवेदन है।
- बीएलओ हर आवेदन की जांच करता है। बीएलओ जांच घर जाकर करेगा।
-जांच के दौरान: जिसका नाम कटवाया जा रहा है, उसे नोटिस (सूचना) भेजी जाती है (कम से कम 7 दिन का समय)।
- आवश्यकता हो तो सबूत (जैसे मौत का प्रमाण पत्र, शिफ्टिंग का प्रमाण, डुप्लीकेट एंट्री आदि) देखे जाते हैं।
- अगर आवेदन सही पाया जाता है, तो नाम हटाया जाता है। गलत व फर्जी आवेदन पर कार्रवाई हो सकती है।
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नाम कटवाने के मुख्य कारण
-मौत हो गई हो।
-स्थायी रूप से दूसरे क्षेत्र व राज्य में शिफ्ट हो गए हों।
-नाम डुप्लीकेट (दो जगह दर्ज) हो।
-गलत तरीके से नाम जुड़ गया हो।
-मतदाता अब उस क्षेत्र का सामान्य निवासी नहीं रहा हो।
-खुद अपना नाम हटवाना चाहते हों (जैसे नया जगह पर रजिस्टर्ड करवाने के लिए)।
करही में फार्म सात पर नाम ऐसे प्रिंटेड करके, आवेदक की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिया गया है
करही में फार्म सात पर नाम ऐसे प्रिंटेड करके, आवेदक की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिया गया है
करही में फार्म सात पर नाम ऐसे प्रिंटेड करके, आवेदक की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिया गया है
करही में फार्म सात पर नाम ऐसे प्रिंटेड करके, आवेदक की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिया गया है
करही में फार्म सात पर नाम ऐसे प्रिंटेड करके, आवेदक की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर दिया गया है