- बेतरतीब दिनचर्या और कामकाज के तरीके से बड़े ही न हीं बच्चे भी झेल रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। यदि आप आरामदायक कुर्सी पर लगातार बैठ रहे है तो सावधान हो जाए। तकिया लगाकर पढ़ने या मोबाइल देखने की आदत छोड़ दें। इससे स्पाइन में काफी दिक्कत हो रही है, न सिर्फ बड़े बल्कि बच्चे भी शिकार हो रहे है। जिला अस्पताल में इस तरह के प्रतिदिन 15 से 20 मरीज आ रहे है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में आर्थो विभाग में वैसे तो प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते है। लेकिन इसमे से 15 से 20 मरीज रीढ़ की हड्डी में समस्या को लेकर पहुंच रहे है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ एलसी यादव ने बताया कि बेतरतीब दिनचर्या व कामकाज के तरीके की वजह से 80 फीसदी लोग अपनी जिदंगी में कमर दर्द अथवा रीढ़ की हड्डी में दिक्क्त के शिकार होते है। इसका खतरा 50 वर्ष बाद ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि वर्क स्टेशन में काम काज की व्यस्तता में लोगों का बैठने का तरीका बिगड़ जाता है। कोई गर्दन झुकाकर काम करता है तो कोई झुककर। जिसकी वजह से पूरे शरीर में दबाव रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। यहीं नहीं लोग लकड़ी की कुर्सी के बजाय आरामदायक कुर्सी पर काम करते समय बैठना काफी पसंद करते है, जो नुकसानदायक है। इससे रीढ़ की हड्डी में पीछे की तरफ कर्व हो जाता है।
बताया कि बच्चों को लेटकर पढ़ना, कुसी पर बैठकर पढ़ते समय टेबल पर पैर रखना अथवा लेटकर मोबाइल देखना भी काफी घातक है। इससे बच्चों की गर्दन और रीढ़ की हड्डी में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है। विटामिन डी की कमी से भी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि कम पानी पीने की आदत भी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत पैदा कर सकती है। इसलिए लोगों को समय-समय पर पानी पीना चाहिए।
ये करना चाहिए
- आरामदायक कुर्सी के बजाए लकड़ी की कुर्स पर बैठे।
- नियमित व्यायाम करने के साथ स्ट्रेचिंग करनी चाहिए।
- कुर्सी पर सीधे बैठे ताकि रीढ की हड्डी में कर्व नहीं बनें।
- तकिया लगाकर पढ़ने से बचें।