संतकबीरनगर। सिद्धार्थनगर में तैनात अपर सीएमओ डॉक्टर अब्दुल सलाम खान की पत्नी शबाना खान की रहस्मयी हालत में गोली लगने से घर में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली नजदीक से मारी गई है। गोली बाईं तरफ सीने, फेफड़े, हार्ट व पसली को तोड़ते हुए बाहर निकल गई। पुलिस को आत्महत्या की बताई कहानी और मौके की परिस्थिति में फर्क होने से संदेह गहरा गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
अंबेडकरनगर जिले के जहांगीरगंज क्षेत्र के तेतरिया के रहने वाले डॉक्टर अब्दुल सलाम खान पूर्व में जिले में तैनात थे। वह वर्ष 2007- 08 में शहर के बंजरिया पूर्वी में जमीन खरीदकर दो मंजिला मकान बनवाया है। इसी मकान में नीचे अस्पताल संचालित है, और ऊपरी मंजिल पर वह स्वयं रहते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह उनकी पत्नी शबाना खान की घर में गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर अब्दुल सलाम खान ने पूछताछ में बताया कि बुधवार की रात करीब 11:30 बजे वह पत्नी शबाना खान के साथ लखनऊ से खलीलाबाद पहुंचे थे। वह सुबह नित्यक्रिया के लिए बाथरूम में गए। उसी बीच पत्नी ने अवसाद की वजह से उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। जब वह बाथरूम से बाहर निकले तो फर्श पर पत्नी का शव पड़ा था, जबकि पुलिस की जांच में पाया गया कि कमरे में डॉक्टर की पत्नी का शव उत्तर-दक्षिण दिशा में था। शबाना के पैर के पास डॉक्टर की लाइसेंसी रिवाल्वर मिली थी। फायर गोली का बुलेट पूरब- पश्चिम में रखे सोफे में जाकर घुस गया था। इससे पुलिस को ढूंढने में दो घंटे का वक्त लगा।
रिवाल्वर के चैंबर में दो गोली और एक खोखा मिला। रिवाल्वर में सेफ्टी लॉक की सुविधा होती है, लेकिन रिवाल्वर में सेफ्टी लॉक नहीं था। इधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली बाईं तरफ सीने में सटाकर मारे जाने की वजह से फेफड़े, हर्ट और पसली को तोड़ते हुए बाहर निकल गई है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी का तीन महीने पहले बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। उसी वजह से पत्नी ने अवसाद में आकर आत्मघाती कदम उठा लिया है।
पुलिस की पूछताछ में मृतका के भाई ने भी घटना को आत्महत्या ही बताया। आत्महत्या की कहानी और मौके वारदात की परिस्थिति में अंतर होने से पुलिस का संदेह बढ़ गया। पुलिस ने मृतका और डॉक्टर पति के हाथ की अंगुली का नमूना लेकर फॉरेंसिक लैब गोरखपुर में जांच के लिए भेजा है। पुलिस का मानना है कि जांच रिपोर्ट आने पर यह पता चलेगा कि मृतका ने खुद गोली चलाई थी अथवा किसी और ने गोली चलाई है। फिलहाल पुलिस को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इधर डॉक्टर व उनके परिवार व करीबी पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर अपने गांव अंबेडकरनगर चले गए थे, जहां शव को गांव में दफन किया। अभी डॉक्टर व उनका परिवार लौटा नहीं है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाईं तरफ सीने में सटाकर गोली मारी गई है। गोली सीने, फेफड़े, हार्ट और पसली को चीरती हुई बाहर निकल गई है। पैनल के साथी डॉक्टर रवि पांडेय से भी विचार- विमर्श किया, जिसमें दोनों डॉक्टरों की सहमति में प्रथम दृष्टया माना गया कि गोली लगने के कंडीशन के मुताबिक खुद गोली मारना प्रतीत हो रहा है।
-डॉक्टर रमेश सोनकर, पोस्टमार्टमकर्ता
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यदि गोली दूर से मारी जाती तो गोली अंदर फंस जाती। गोली बाहर निकलने का मतलब है कि सटाकर मारी गई है। प्राय: देखा गया है कि कोई खुद को गोली खड़े होकर नहीं मारता है। यदि कोई खुद को गोली मारता है तो अक्सर कनपटी पर मारता है। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीधे गोली दिल और फेफडे़ में लगते हुए बाहर निकल गई है तो अधिक संभावना है कि गोली सटाकर ही मारी गई है। यह मामला पुलिस की जांच का है।
-सुग्रीव गिरी, सेवानिवृत्त आईजी
दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राॅफी के बीच पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में सीधे गोली दिल में और फेफड़े में लगती हुई बाहर निकल गई है। मृतका और डॉक्टर के हाथ के अंगुलियों का नमूना लेकर पुलिस फॉरेंसिक लैब गोरखपुर जांच भेजा है। रिपोर्ट में पता चलेगा कि महिला ने खुद गोली चलाई है, अथवा किसी दूसरे ने। वैज्ञानिक साक्ष्य का संकलन पुलिस कर रही है। जैसा तथ्य आएंगा, आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
-सत्यजीत गुप्ता, एसपी