मेंहदावल। विकास खंड की ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं। ग्रामीणों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़ा हो रहा है। लोगों ने सामुदायिक शौचालय को नियमित खोलने की मांग की है।
गांव-गांव स्वच्छता की अलग जगाने व साफ सफाई व गांव को सुंदर बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव में सामुदायिक शौचालय बनाने का शासन का निर्देश था। जगह-जगह सामुदायिक शौचालय बन भी गए है। लेकिन, ज्यादातर स्थानों पर सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं। इससे उनकी उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेंहदावल विकास खंड के बानडूमर गांव से दूर सिवान में शौचालय बनाया गया है। चारों तरफ फसल लगी है। जाने का कोई रास्ता नहीं है।
गांव के उमेश गुप्ता व शैलेश निषाद ने बताया कि शौचालय तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। केयरटेकर देखने तक नहीं जाते। जबसे बना है, तबसे धूल फांक रहा है। इसी प्रकार बेलौली गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। यहां भी शौचालय बंद पड़ा हुआ है। गेट के मुख्य द्वार पर खरपतवार जमा है।
गांव के राहुल, विनय शर्मा, शशिकांत निषाद आदि लोगों ने बताया कि जबसे सामुदायिक शौचालय बना है, तबसे गेट का ताला नहीं खुला है। सफाईकर्मी भी साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंचते हैं। इसी प्रकार नौगो में प्राथमिक विद्यालय परिसर बाउंड्री के अंदर सामुदायिक शौचालय बनाया गया है।
ग्रामीण संदीप सिंह, रुद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि सुबह-शाम गेट बंद रहता है। जबसे शौचालय बना है तभी से बंद है। शौचालय को विद्यालय परिसर से हटाकर दूसरी जगह बनाना चाहिए था। जिससे ग्रामीण इसका उपयोग कर पाते। लोगों का आरोप है कि केयरटेकर बिना काम किए ही निशुल्क मानदेय उठा रहे हैं, जबकि सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं।
एडीओ पंचायत अभिनव रवि वत्स ने कहा कि विकास खंड क्षेत्र में सभी सामुदायिक शौचालय के समयानुसार खोलने का निर्देश सभी केयर टेकर को दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।