संतकबीरनगर। महुली पुलिस ने मंगलवार को सत्यम हत्याकांड का खुलासा किया। दोस्त की बहन से संबंध बनाने की वजह से सत्यम की हत्या हुई थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को धुसवां बागीचे में रख दिया था और गले में रस्सी तथा पेड़ में रुमाल टांग कर आत्महत्या का शक्ल देने की कोशिश की थी। पकडे़ गए आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कत्ल की बात कबूली।
एसपी रोहन पी कनय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 28 सितंबर 2014 को महुली के डड़वा पुरवा निवासी 19 वर्षीय सत्यम गौड़ पुत्र दीप नरायन गौड़ की लाश धुसवां बागीचे में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबा कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। सत्यम के बडे़ भाई रवि कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या कर शव छुपाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया गया था। एसओ सुधीर सिंह को विवेचना के दौरान पता चला कि सत्यम गत 25 सितंबर को अपने दोस्त श्याम किशोर के साथ घर से निकला था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था।
घटना के दिन से ही श्याम किशोर का दोस्त महुली निवासी रियाज अहमद ने गांव छोड़ दिया था। मंगलवार को पुलिस ने नाथनगर से रियाज अहमद को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की। रियाज ने बताया कि श्याम किशोर की बड़ी बहन से सत्यम का प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसके बड़ी बहन की शादी भी तय थी। इस बात की जानकारी श्याम किशोर के परिवार वालों को हो गई थी। इस वजह से श्याम किशोर ने अपने बडे़ भाई राम किशोर, अपनी मां गीता देवी और ग्राम चौकीदार भरत यादव के अलावा रियाज अहमद के साथ मिल कर सत्यम की हत्या किए जाने की योजना बनाई। श्याम किशोर 25 सितंबर को नाथनगर में रामलीला देखने के बहाने सत्यम को अपने घर लेकर आया। जहां पूर्व प्लान के मुताबिक रामकिशोर और उसकी मां, रियाज अहमद और चौकीदार मौजूद थे। आरोपियों ने घर के अंदर भुसैले में सत्यम को ले गए जहां पहले चारपाई की पाटी से उसका गला दबा कर हत्या कर दी। पत्थर की चक्की को सीने पर पटक दिए थे। इसके बाद आरोपी शव को धुसवा बागीचे में ले जाकर पेड़ के नीचे रख दिए। आत्महत्या का रूप देने के लिए गले में रस्सी और पेड़ पर रुमाल टांग दी। पुलिस ने रियाज के अलावा श्याम किशोर, राम किशोर ,गीता देवी और चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चारपाई की पाटी, पत्थर की चाकी और सत्यम का पर्श भुसैले से बरामद किया। पकडे़ गए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।