हैंसर। घाघरा नदी का पानी बढ़ने लगा है। नदी के जल स्तर में एक मीटर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। नदी की धारा को मोड़ने के लिए लगाए गए जियो ट्यूब को पानी का तेज वेग 100 मीटर दूर तक बहा ले गया। आलम यह है कि निर्माणाधीन एमबीडी बांध पर पानी का दबाव बढ़ जाने से ,खतरा उत्पन्न हो गया है। सिंचाई विभाग ने नदी के जल स्तर में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए बांध पर बोल्डर लगाने का काम तेज कर दिया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता टीएन श्रीवास्तव का कहना है कि लखीमपुरखीरी जिले के गिरजापुरी बैराज से घाघरा नदी में एक लाख 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे नदी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है। उधर चपरापूर्वी गांव के दक्षिण नदी की धारा को मोड़ने के लिए लगाए गए जियो ट्यूब के ऊपर से पानी बहने लगा है। तेज गति से पानी बहने से पानी का दबाव एमबीडी बांध पर पड़ने लगा है। बांध को खतरे से बचाने के लिए सिंचाई विभाग के लोग बांध पर बोल्डर लगा कर पीचिंग कार्य तेज कर दिए है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जल स्तर इसी तरह बढ़ा तो 24 घंटे के भीतर धनघटा तहसील के 23 गांव जो बांध से दक्षिण है, वह बाढ़ की चपेट में आ सकते है। तहसील क्षेत्र के पूर्वी छोर पर बांध के पश्चिम स्थित गायघाट, भौवापार, गुनवतिया, चकदहा, ढोलबजा, सरैया, खरैया, खड़कपुर, कंचनपुर, करनपुर, कटहा, खैरगाड़ समेत 23 गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की प्रबल संभावना हो गई है। ग्रामीण राम शंकर यादव, दयाराम, प्रमोद, विनोद, बाबूराम आदि का कहना कहना है कि तिघरा कुटी के पास बांध कट गया था। उसका मरम्मत अभी तक नहीं कराया गया। एसडीएम आर डी पांडेय का कहना है कि नदी के बढ़ते हुए जल स्तर के मद्देनजर कानूगो और लेखपाल को वहां रहने का निर्देश दे दिया गया है और जरूरत पड़ने पड़ तुरंत नाव लगाई जाएगी।