संतकबीरनगर। जागरूकता का अभाव कहे या फिर असावधानी। जिले में एड्स रोगियों की बढ़ रही संख्या चिंता का विषय है। सिर्फ एक साल में आईसीटीसी सेंटर पर हुए जांच में 106 मरीज एचआईवी संक्रमित पाए गए। जिसमें सात प्रसव धात्री महिलाए भी रही। इनमें से तीन महिलाओं का ठीक प्रकार से प्रसव भी हुआ। जन्मे बच्चे भी पूरी स्वस्थ्य है, मगर एक बच्चे की अभी जांच हुई है और उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। फिलहाल तीन महिलाओं का प्रसव गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ था। वर्ष 2013-14 में जनपद के लिंक एआरटी में सात गर्भवती महिलाए जांच में एचआईवी संक्रमित पाई गईं थीं। नियमित जांच व देखभाल के बाद तीन महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ। संयुक्त जिला अस्पताल से प्रसव पीड़ित महिलाओें को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। वैसे संयुक्त जिला अस्पताल में बने आईसीटीसी सेंटर के आकड़ों पर एक नजर डाले तो जनवरी 2013 से जनवरी 2014 तक 53 पुरूष और 53 महिलाएं एचआईवी संक्रमित पाई गई । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बद्री विशाल ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान ने प्रगति किया है। एचआईवी के जांच के लिए जनपद के मेंहदावल और हैंसर में आईसीटीसी केंद्र बनाया गया है। आने वाले समय में एचआईवी संक्रमित महिलाएं 100 प्रतिशत स्वस्थ्य बच्चों को पैदा कर सकेंगी। अभी जो बच्चे जन्म के समय निगेटिव हो रहे है, उनमें से 98 प्रतिशत बच्चे आगे भी स्वस्थ हो रहे हैं। एड्स से बचाव में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही व चूक जानलेवा साबित हो सकती है।