संतकबीरनगर। कूड़ीलाल रूंगटा सरस्वती विद्या मंदिर में शुक्रवार को गीता जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमात्मा प्रसाद शास्त्री रहे। इस दौरान संगीत प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ।
परमात्मा प्रसाद शास्त्री ने कहा कि कर्मों में कुशलता ही योग है। यदि विद्यार्थी विद्या प्राप्त करने के लिए अपने मन बुद्धि को आचार्य के साथ जोड़ दे तो निश्चय ही वह अपने उद्देश्य में सफल होगा। संस्कृत गीतम प्रतियोगिता में गरिमा कुमारी कनौजिया प्रथम, विकास चौधरी द्वितीय तथा मोती चौरसिया तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार गीता के द्वादस अध्याय के बीस श्लोकों में किशोर वर्ग द्वारा सस्वर पाठ किया गया। जिसमें सौरभ मिश्र प्रथम, आदर्श राय द्वितीय और धनंजय यादव तृतीय स्थान पर रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष मिश्र ने कहा कि गीता का नियमित पाठ करने वाला एवं उसे अपने आचरण में अपनाने वाला व्यक्ति कभी भी सांसारिक दु:खों में नहीं पड़ सकता है। प्रधानाचार्य ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्गीय प्रभाकर मणि त्रिपाठी शिक्षा सेवा संस्थान की ओर से 17 दिसंबर को पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर दयाशंकर पांडेय, अरविंद राय, दिनेश मिश्र, हनुमान यादव, सुखेंदु पांडेय, नवनीत पांडेय, तेजबहादुर सिंह, गोविंद त्रिपाठी, शैलेष श्रीवास्तव, मेवालाल यादव, अरूणेंद्र नाथ तिवारी, पूजा द्विवेदी, साधना राय आदि मौजूद रही।