फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्वांचल में एक भी मुस्लिम को सपा से टिकट न मिलने पर उलेमा नाराज

Mon, 28 Oct 2013 05:39 AM IST
Sant kabir nagar
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी की तरफ से पूर्वांचल की 23 लोकसभा सीटों में से एक पर भी मुस्लिम प्रत्याशी घोषित न करना उलेमा को नागवार गुजरा है। उन्होंने सपा नेताओं को इसके लिए खूब खरी-खटी सुनाई। संतकबीरनगर में अब्दुल कलाम का टिकट काटने पर उन्होंने कहा कि अगर किसी कारण प्रत्याशी बदलना भी था तो किसी अन्य मुस्लिम को ही टिकट मिलना चाहिए था। ऐसा न कर के मुलायम सिंह और अखिलेश यादव ने मुस्लिमों के साथ धोखा किया है और इसका सबक आगामी लोकसभा चुनावों में सिखाया जाएगा।
विज्ञापन

खलीलाबाद स्थित एक होटल में रविवार को कई जिलों के उलेमा ने बैठक की। इत्तेहाद ए-ओलमा वराए सेक्यूलर जमहूरियत के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में मोहम्मद अहमद ने कहा कि मुस्लिमों के वोटों की बदौलत ही पस को सपा को सत्ता मिली। मगर सत्ता मिलने के बाद अब समाजवादी पार्टी खुलेआम मुस्लिमों की उपेक्षा कर रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की 23 लोकसभा सीटों में से एक भी सीट मुस्लिम प्रत्याशी न घोषित करना सपा का ऐसा कदम है, जिसका जवाब उन्हें इस चुनाव में मिलेगा। उलेमा ने संतकबीरनगर लोकसभा सीट से अब्दुल कलाम का टिकट काटने को सपा की दगाबाजी बताया और कहा कि पूर्वांचल में कम से कम आठ सीटों पर अल्पसंख्यक प्रत्याशी उतारने पर सपा को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में 80 फीसदी मुसलमानों ने सपा को वोट दिया था। सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को नहीं पता है कि कुछ लोग उनकी जड़ काट रहे हैं। पूर्वांचल में सपा से एक भी अल्पसंख्यक को प्रत्याशी न बनाया जाना अल्पसंख्यकों को बेवकूफ बनाने जैसा है। संतकबीरनगर की सीट अल्पसंख्यक प्रत्याशी को चाहिए। सपा हाईकमान को इस पर विचार करना होगा। यदि सपा के साथ मुसलमान नहीं होते तो प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बन पाती। यदि अब्दुल कलाम का टिकट कटा तो किसी दूसरे अल्पसंख्यक प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारना चाहिए। मौलाना हारून रसीद ने कहा कि पूर्वांचल में संतकबीरनगर लोकसभा सीट पर सपा ने इकलौता मुस्लिम प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन यह टिकट भी काट दिया। समाजवादी पार्टी मुस्लिमों को उनका हक देने की बात करती है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों को कोई सीट नहीं दी गई। संतकबीरनगर की जो इकलौती सीट मुस्लिमों को मिली थी, उसे भी चुनाव आते आते बदल दिया गया। यदि कलाम का टिकट काटा तो उभरते हुए सितारे महमूद खान को ही टिकट दे दिया होता तो अल्पसंख्यकों की हिमायती होने का प्रमाण सपा देता। संतकबीरनगर सीट पर साढे़ चार लाख अल्पसंख्यक वोटर हैं। यह सीट अल्पसंख्यक प्रत्याशी को ही चाहिए। असगर अली ने कहा कि समाजवादी पार्टी का झंडा ढोने वाले मुस्लिम मतदाताओं और सपा कार्यकर्ताओं में से एक भी चेहरा सपा हाईकमान को ऐसा नहीं दिखा, जिसे प्रत्याशी बनाया जा सके। अब्दुल हसन का कहना था कि अगर टिकट बदलना ही था तो यह टिकट युवा नेता महमूद खान को दिया जाना चाहिए था। वक्ताओं ने साफ कहा कि अगर टिकट बदला नहीं गया और मुस्लिमों को मौका नहीं दिया गया तो इसका नतीजा सपा को अगले चुनाव में भुगतना पड़ेगा। कार्यक्रम में काफी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें