संतकबीरनगर। अब खाद की कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी। खाद की कालाबाजारी रोकने की दिशा में शासन ने नया कदम उठाया है। मोबाइल फर्टिलाइजर मानीटरिंग सिस्टम (एमएफएमएस) लागू किया है। इसका लाभ यह मिलेगा कि थोक व फुटकर खाद विक्रेता स्टॉक नहीं छुपा पाएंगे क्योंकि उनका यहां उपलब्ध स्टॉक का विवरण आनॅलाइन रहेगा। इन विक्रेताओं को इस सिस्टम से जुड़ना ही होगा। जब वह सिस्टम से जुड़ेंगे तभी दी जाने वाली सब्सिडी भारत सरकार उनके खातों में भेजेगी।
उर्वरक आपूर्तिकर्ता संस्था को उर्वरक पर प्राप्त होने वाली सब्सिडी उसी वक्त मिलेगी जब रिटेलर के जरिए उर्वरक प्राप्ति का सेल एक्नॉलेजमेंट उर्वरक मंत्रालय के एमएफएमएस सिस्टम में फीड किया जाएगा। सभी सहकारी समितियों को मोबाइल की सुविधा रखनी होगी। इसमें एमएफएमएस का साफ्टवेयर लोड करना होगा। मोबाइल का रजिस्ट्रेशन एनआईसी के सरवर से कराना होगा। इसके बाद पिन एवं पासवर्ड नंबर दिया जाएगा।
खाद मिलने के बाद सहकारी समिति के जरिए अपने पिन एवं पासवर्ड से एमएफएमएस सिस्टम के तहत खाद प्राप्ति की सूचना दी जाएगी। खाद आपूर्ति संस्था से खाद प्राप्त करने के लिए उपयुक्त सारी औपचारिकताएं पूरी की जानी जरूरी होंगी, इसके बिना भारत सरकार से सब्सिडी नहीं मिल पाएगी।
इफ्को के क्षेत्रीय अधिकारी जियाउद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि इस व्यवस्था से खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता रहेगी। थोक और फुटकर विक्रेता का स्टॉक इंटरनेट पर उपलब्ध रहेगा।