कभी बादल तो कभी धूप, बूंदबांदी ने बढ़ाई ठंड
दूसरे दिन भी नहीं बदला मौसम का मिजाज
किसान खुश, ठंड से कर्मचारी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। फरवरी के पहले पखवारे में बदले मौसम का मिजाज समझना लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। दिन में कई बार बदल रहे मौसम ने लोग को कहीं खुशी तो कहीं दिक्कत का एहसास कराया है। किसान अच्छी फसल की उम्मीद लगा रहे हैं तो वहीं सड़कों पर हुई फिसलन हादसों को दावत दे रही है। कर्मचारी खराब मौसम में ड्यूटी करने पर परेशान हैं।
इस बार दिसम्बर-जनवरी में जिले का तापमान औसत से अधिक रहा। शीतलहर का असर बिल्कुल नहीं दिखा और जाड़े में गर्म कपड़े का कारोबार ही लगभग ठंडा पड़ गया। परंतु फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम का रुख अचानक ही पलट गया। जिले में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। पूरे दिन कभी बादल छाए तो कभी गुनगुनी धूप निकली। शाम को गरज-चमक के साथ छींटे भी पड़े। सर्द हवाओं ने ठंड का दुबारा एहसास कराया और जो लोग तीन दिन पहले हॉफ जैकेट पहनकर घूम रहे थे वे शुक्रवार की दोपहर में भी फुल स्वेटर में नजर आए।
हालांकि अचानक बदले मौसम से किसानों की खुशी बढ़ गई है। इस बार ठंड का असर कम होने से किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित थे। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि जनवरी की अंतिम तारीख और फरवरी की पहली तारीख में जिस तरह की तेज धूप निकली उससे तो लगा कि इस बार गेहूं की फसल को पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पाएगी जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। लेकिन हल्की बरसात के साथ ठंड बढ़ने से एक बार फिर गेहूं किसान राहत महसूस करेंगे। जिला कृषि अधिकारी का मानना है कि फरवरी का पूरा महीना अगर हल्की ठंड के साथ गुजरता है तो यह गेहूं किसानों के लिए वरदान होगा।