मगहर। संतकबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीर चौरा परिसर स्थित कबीर की समाधि स्थल पर पिछले 45 वर्ष से सेवारत रहे संत लक्ष्मणदास का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
मंगलवार की देर रात गोरखपुर स्थित हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बुधवार को मगहर से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक स्थान देवरिया स्थित कबीर मंदिर ले जाया गया। जहां कबीरपंथ की परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि दी गई।
उनके निधन पर नगर पंचायत की चेयरमैन संगीता वर्मा व उनकी कमेटी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कबीर चौरा के महंत विचारदास ने बताया कि संत लक्ष्मण दास कबीर स्थली मगहर में रहकर समाधि व कबीर पंथी साधुओं की सेवा में लगभग 45वर्षों से लगे रहे।
वह पुजारी का कार्य भी करते थे। निधन की खबर सुनते ही संत कबीर इंटर कालेज में दो मिनट का मौन रखते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में गुड्डू वर्मा, प्रधानाचार्य डॉ. राकेश सिंह, परमात्मा प्रसाद पांडेय, संत केशव दास, संत अरविंद दास, डॉ. हरिराम शास्त्री, शिबतैन मुस्तफा, मेंहदी हसन, अवधेश सिंह, राजेश कुमार चंद, संतोष कुमार, मोहम्मद दीन, मोहम्मद असअद, अरुण भारती, महेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार, गौरव प्रताप यादव, अष्टभुजा चौधरी, राम कुंवर मौर्य, ब्रजलाल, रामकुमार वर्मा, वागीश कुमार पांडेय, सिद्धराज, त्रिलोकी वर्मा, अतुल श्रीवास्तव, मिक्की श्रीवास्तव, अतरेश कुमार श्रीवास्तव, परमानंद, नागेंद्र कुमार, रमाकांत उपाध्याय, जितेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।