900 हेक्टेयर बंजर भूमि बनाई जाएगी उपजाऊ
पंडित दीनदयाल उपाध्याय समृद्धि योजना के तहत 173.011 लाख रुपये का भेजा गया प्रस्ताव
संतकबीरनगर। बुंदेलखंड की तर्ज पर जिले में किसानों की 900 हेक्टेयर बंजर भूमि को खेती योग्य बनाया जाएगा। किसान अपनी बंजर भूति पर फसल लहलहा सकेंगे। इसके लिए डीएम ने पहल की है। भूमि संरक्षण विभाग की ओर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय समृद्धि योजना के तहत भूमि सुधार के लिए 173.011 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है।
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,64600 हेक्टेयर है। इनमें 1,22118 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है।
जिले में मुख्यत: तीन नदियां हैं। घाघरा नदी जनपद के दक्षिण सीमा से होकर गुजरती है। राप्ती नदी नेपाल से निकल कर जनपद के उत्तर पूर्वी सीमा से गुजरती है। कुआनो नदी घाघरा की सहायक नदी के रूप में जनपद के दक्षिण पूर्वी भाग से गुजरती है। अधिकतर भूमि कटाव एवं जलभराव समेत विभिन्न विकारों से जूझ रही हैं। सुधारों के बावजूद करीब 25,488 हेक्टेयर क्षेत्रफल अनउपजाऊ है। बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए आवास, औद्योगिकीकरण एवं अन्य कृषि विकास कार्यों में खेती योग्य भूमि के प्रयोग से कृषि भूमि का आकार घटता जा रहा है।
इस साल सूखा और बाढ़ दोनों तरह की आपदा किसान झेलने को मजबूर हुए। ऐसी स्थिति में रबी की बुवाई में विलंब होने से उत्पादन और उत्पादकता दोनों प्रभावित हो सकती है। बरसात के मौसम में तीन महीने के लिए अतिवृष्टि के कारण 8,700 हेक्टेयर क्षेत्र में जल प्लावन की स्थिति बनी रहती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए डीएम ने भूमि सुधार की पहल शुरू की है।
उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी/प्रभारी भूमि संरक्षण अधिकारी शशांक ने बताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत जिले में 900 हेक्टेयर किसानों की अनउपजाऊ भूमि को उपजाऊ बनाने की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। इस कार्य पर करीब 173. 011 लाख रुपये खर्च होंगे। संवाद
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इंसेट
यहां होगा अनउपजाऊ भूमि का सुधार
विकास खंड गांव क्षेत्रफल हेक्टेयर में लागत लाख में
खलीलाबाद ढेलुआखोर 100 19.692
बघौली सांगठ 100 19.692
बेलहर कलां छपवा 100 18.908
सांथा रैधरपार 100 18.809
सांथा छिपरा 100 18.908
सांथा बरगदवा प्रथम 100 18.809
सांथा बरगदवा द्वितीय 100 18.809
बेलहर कलां औरहिया मंझरिया 100 19.692
सेमरियावां बस्ती-बस्ता 100 19.692
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कोट
900 हेक्टेयर भूमि अनउपजाऊ चिह्नित की गई है। बुंदेलखंड की तरह अनउपजाऊ भूमि का सुधार कराया जाएगा, ताकि किसान निष्प्रयोज्य भूमि पर खेती कर सकें। इसके लिए 173. 011 लाख रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही कार्ययोजना को मंजूरी मिल जाएगी।
-प्रेम रंजन सिंह, डीएम