सोशल मीडिया:अज्ञानता को दूर करे राष्ट्रभक्ति जो सिखाए वैसी हो शिक्षा
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन लोकसभा चुनाव की भेंट चढ़ गया है। हर वर्ष अप्रैल माह में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत रैली निकाल कर लोगों को स्कूलों में बच्चों के नामांकन के लिए जागरूक किया जाता था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। चुनाव की व्यस्तता के चलते शिक्षा अधिकारी अब जुलाई माह में नामाकंन के लिए रैली निकालने की बात कह रहे हैं।
एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाता है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए अप्रैल माह में ही सर्व शिक्षा अभियान की रैली निकाली जाती है। जिसमें स्कूली बच्चें शामिल होते थे और लोगों को अपने बच्चों को स्कूलों में नामांकन के लिए जागरूक करते है। इसके अलावा शिक्षक भी अपने विद्यालय से संबधित गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित करते है। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। लोकसभा चुनाव के चलते अधिकारी छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया को भूल गए है। इसके अलावा इस बार कुछेक जगह रैली निकाली गई है। अगर यही हाल रहा तो इस बार छात्रों की संख्या बढ़ाने में दिक्कत हो सकती है। वहीं अधिकारी चुनाव की व्यस्तता का हवाला देकर जुलाई माह से रैली निकालने की बात कह रहे है।
19 दिन में मात्र छह हजार हुआ नामांकन
बीएसए कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करे तो एक अप्रैल से 19 अप्रैल तक 6010 छात्रों का नामांकन हुआ है। विभाग का दावा है कि कक्षा एक में 3614 और कक्षा छह में 2396 छात्र-छात्राओं का नामांकन हो चुका है।
बीएसए सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव के चलते इस बार सर्व शिक्षा अभियान की रैली कुछ ही जगह पर निकली है। वैसे प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन विद्यालय में करा दिया जाए। अगर कुछ कमी रहेगी तो उसके जुलाई में पूरा कर दिया जाएगा।