संतकबीरनगर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोकने और उनकी गिरफ्तारी से सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार दोपहर बाद खलीलाबाद शहर में विरोध प्रदर्शन किया। तहसील गेट के सामने कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर धरना दिया। पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला भी जलाया।
दोपहर करीब दो बजे पार्टी कार्यालय से जिलाध्यक्ष गौहर अली खान की अगुवाई में निकले सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। मुखलिसपुर चौराहा, गोला बाजार होते हुए तहसील गेट पहुंचे और सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। जनहित के मुद्दों पर विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रयागराज जाने से रोककर सरकार ने हिटलरशाही रवैए का परिचय दिया है।
वरिष्ठ नेता जयराम पांडेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, अलगू प्रसाद चौहान आदि ने भी प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि यह सरकार विरोध से डरती है। जनता की आवाज दबाने के लिए पुलिस का प्रयोग किया जा रहा है। सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों व परम्पराओं का हनन कर रही है। सपा-बसपा गठबंधन से यह सरकार घबरा गई है।
सड़क जाम व धरना देने की जानकारी होने पर एसडीएम सदर एसपी सिंह व कोतवाल प्रदीप सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और कार्यकर्ताओं को शांत कराने लगे। मुख्य सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। अफसरों ने बोर्ड परीक्षा का हवाला देकर सपा नेताओं से आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया। इसी बीच सपा नेताओं को अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिल गई। उसके बाद उन्होंने आंदोलन खत्म कर दिया।
इस दौरान कोमल यादव, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह, वेदप्रकाश यादव, ब्लाक प्रमुख मनोज राय, महासचिव राजमन यादव, शिवशरन यादव, सुबोध यादव, फूलचंद यादव, अजीम खान, सचिव पांडेय, रबिऔव्वल अंसारी, रमेश चंद्र यादव, महेश गुप्ता, मुहम्मद अहमद, नसीम अंसारी, वीरेंद्र यादव, यूसूफ जमाल, सुरेंद्र यादव, इंदल यादव, आत्म यादव, जावेद खान, नुरूल इस्लाम, अबरार अहमद, श्रीराम यादव आदि मौजूद रहे।
...और सीएम का दूसरा पुतला फूंक दिया
सपा के आंदोलन के दौरान सीएम का पुतला भी फूंका जाना था, जिसके लिए कार्यकर्ता पुतला साथ लेकर पहुंचे थे। इसकी भनक लगते ही पुलिसकर्मी सक्रिय हुए और कार्यकर्ताओं के हाथ से पुतला ले लिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी तो निश्चिंत हो गए लेकिन सपा कार्यकर्ताओं ने झटपट दूसरा पुतला तैयार किया और धरना स्थल के पास ही इसे फूंक दिया। जब तक पुलिसकर्मी पहुंचते सीएम का पुतला जल चुका था।