ढ़ढ़वा ताल का निरीक्षण करते मुख्य वन संरक्षक पूर्वी जोन गोरखपुर।
- फोटो : अमर उजाला
हैंसर। शनिवार को क्षेत्र के नावन कला गांव में वेटलैंड दिवस व बर्ड फेस्टिबल गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्वी जोन के मुख्य वन संरक्षक विभाष रंजन ने जिले में आने वाले मेहमान पक्षियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जल्द ही बखिरा झील को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। सरकार ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
ढढ़वा ताल के निरीक्षण के बाद नावन कला गांव के समीप आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभाष रंजन ने कहा कि आज के विकसित व आधुनिक युग में हमें स्वीकार करना होगा कि इस धरती पर केवल हमारा ही अधिकार नहीं है। धरती पर रहने वाले करीब 10 करोड़ जीव जंतुओं का भी उतना ही अधिकार है, जितना मानव का। लेकिन मानव अपने क्षणिक सुख के लिए प्रकृति द्वारा प्रदान किए गए जीवन रक्षक प्राणियों को नष्ट करता चला जा रहा है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि ढढ़वा ताल को यदि सूचीबद्ध करा दिया जाए तो रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं। इसलिए वन विभाग इस वर्ष 22.50 लाख पौधों का नि:शुल्क वितरण करेगा। पौधे लगाने के इच्छुक लोग वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। गोष्टी के पूर्व मुख्य अतिथि ने वहां वन्य जीवों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं को पक्षियों की देखभाल के लिए टिप्स भी दिए।
इस मौके पर वन संरक्षक बस्ती मंडल शेषनारायण मिश्र, डीएफओ टी रंगाराजू, वन क्षेत्राधिकारी उदयभान सोनकर, पौली ब्लाक के प्रमुख राम मिलन यादव, विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार पवन लाल श्रीवास्तव, डॉक्टर अखंड प्रताप सिंह, प्रधान इमरान खान, उदयभान यादव, आनंद स्वरूप, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, अनिल सिंह, राजेंद्र प्रसाद मौर्य, श्रीकांत, गुडडू और असलम खान आदि मौजूद थे।