फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीपावली आज

विज्ञापन
विज्ञापन
दीपावली आज, हर घरों पर जगमगाएंगे दीप
विज्ञापन

फोटो
महालक्ष्मी का होगा आह्वान, देंगी समृद्धि
337 जगहों पर लक्ष्मी की प्रतिमाएं हैं स्थापित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। दीपावली का पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धनतेरस को जहां हर घर के बाहर दक्षिण में घूर पर दीपक जलाया गया। वहीं जनपद के 337 स्थानों पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं और कलश स्थापित कर पूजन शुरू किया गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में दिन भर मूर्ति, प्रसाद, मिठाई, फल खरीदने की धूम मची रही। अपने घरों के ऊपर झालर टांगने और बिजली सजाने वालों ने अंतिम टच दिया। अतिथियों के सत्कार के लिए व्यंजन बनने शुरू हुए, तो बच्चों को पटाखे खरीदने की ललक रही जो अभिभावको से हठकर अधिक से अधिक बम, पटाखा और छुरछरी खरीदने में जुटे रहे।
खलीलाबाद के गोलाबाजार में खरीदारों की भीड़ मंगलवार को धनतेरस से भी अधिक रही। बैंकों के एटीएम दोपहर में ही चुक गए थे। सुबह बैकों के खुले होने के कारण लोगों ने राहत महसूस किया। पारंपरिक रुप में सायंकाल घर के ऑगन की धुलाई के बाद में रंगोली बनेगी दीप सजेंगे और बिघ्नहर्ता गणेश, लक्ष्मी, कुबेर की पूजा होगी। व्यापारी कलम दावात के साथ बहीखाता का पूजन करेंगे। अमावस का विशिष्ट काजल पारा जाएगा जो किसी अनहोनी से बचाएगा। ब्यजंनों में सब तरह के पकवान के साथ-साथ ओल की सब्जी बनेगी। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। धनघटा, हैंसर, पौली, मेंहदावल, सेमरियावां, बखिरा, बेलहर, सांथा, नंदौर आदि जगहों पर भी लोग खरीदारी करते देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में लक्ष्मी पंडालों के पास दुकान लगाए दुकानदारों के पास लोगों को हुजुम देखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटाखों की दूकानों पर लगी खरीदारों की भीड़
संतकबीरनगर। आबादी के बाहर जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के मैदान में पटाखों की दूकाने मंगलवार को सज गई। सुरक्षा के लिए दमकल, बालू-पानी की भी व्यवस्था रही। फुलझड़ी, अनारबम, चटाईबम, साधारण बम, राकेट के अलावा नए ढंग के पटाखे बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा। जिनकी कीमतें आसमान छू रही थी। जहां सबका बजट फेल होता दिखा। बाजार में 30 से शुरु होकर दस हजारा चटाई 1200 रुपये के बिक रहे हैं। पटाखों की खरीदारी लोगों ने खूब किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें