संतकबीरनगर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर शुक्रवार को तीसरे दिन आंदोलनकारियों ने पेंशन का हक हासिल करने तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। साथ ही आठ अक्टूबर को लखनऊ में विशाल रैली का एलान किया। तीन दिवसीय धरने के अंतिम दिन शिक्षकों व कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर विकास भवन के गेट पर धरना दिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप पाल की अध्यक्षता एवं प्राथमिक शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव की अगुवाई में विभिन्न विभागों के कर्मचारी व शिक्षक कार्य बहिष्कार के अंतिम दिन विकास भवन पर एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने नई पेंशन स्कीम को हितों के विपरीत बताते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था की वकालत की।
उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो आगे और कड़ा संघर्ष किया जाएगा। धरने को माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी, रामभजन यादव, रामसरन यादव, विष्णु श्रीवास्तव, अरूण कुमार प्रजापति, सुभाष चंद यादव, ओम प्रकाश यादव आदि ने संबोधित किया। इस दौरान गंगा प्रसाद यादव, दीनानाथ उपाध्याय, अनिल कुमार मिश्र, सुभाषचंद्र यादव, शिवानंद मिश्र, मुहम्मद आजम, मेराज अहमद, सोएब अहमद, हेमंत कुमार, उपेंद्र तिवारी, वीपी सिंह, भुलई प्रसाद, नरेंद्र कुमार, परमहंस गौतम आदि मौजूद रहे।
माध्ंयमिक शिक्षक भी तीसरे दिन भी कलमबंद हड़ताल पर रहे और विकास भवन पर धरने में शामिल हुए। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आर-पार का संघर्ष होगा। पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा है, इसे लेकर रहेंगे, जो सरकार पेंशन हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा।
पुरानी पेंशन के लिए संघ कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। हड़ताल के तीसरे दिन भी विकास खंड हैंसर, पौली, नाथनगर, खलीलाबाद, बघौली, मेंहदावल, सेमरियावां, बेलहर, सांथा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में कलमबंद हड़ताल रही।