परिषदीय विद्यालयों में कम छात्र संख्या मिलने के मामले में बीएसए ने 74 हेडमास्टरों को अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। दिसंबर में छात्र संख्या 60 प्रतिशत नहीं हुई तो कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बीएसए के इस फरमान से छात्र संख्या बढ़ाने को लेकर शिक्षक परेशान है। अगर छात्र संख्या नहीं बढ़ी तो कार्रवाई होना तय है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के लिए चल रही कई योजनाओं के बाद भी छात्र संख्या शत प्रतिशत न होना विभाग के चुनौती बन गया है। एमडीएम के दैनिक अनुश्रवण प्रणाली से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर जनपद के 101 ऐसे विद्यालय थे जहां पर छात्रों की उपस्थिति 35 प्रतिशत थी या इससे कम थी। पांच अक्टूबर को एडी बेसिक बस्ती मंडल की बैठक में दैनिक अनुश्रवण प्रणाली सूची उनके समक्ष रखी गई थी। जिस पर वे काफी नाराज हुए थे।
उन्होंने समस्त प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। एडी बेसिक के निर्देश के बाद विभाग ने101 विद्यालयों को नोटिस जारी किया था। उसके बाद 27 विद्यालयों ने छात्र संख्या 60 प्रतिशत से अधिक कर सूचना दे दी। लेकिन 74 विद्यालयों ने सूचना नहीं दी। दैनिक अनुश्रवण प्रणाली में बघौली ब्लॉक के 10, बेलहर कला के 7, हैंसर के 9, खलीलाबाद के 12, मेंहदावल के छह, नाथनगर के 11, पौली के एक, सांथा के नौ और सेमरियावां ब्लॉक के नौ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी करते हुए समस्त प्रधानाध्यापकों से 14 दिसंबर तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश के साथ ही यह कहा गया है कि दिसंबर में यदि नामांकन 60 प्रतिशत से अधिक नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीसी एमडीएम डीपी चंद ने बताया कि दैनिक अनुश्रवण प्रणाली में अक्टूबर माह में 101 विद्यालयों में कम छात्र संख्या मिली थी। जिसके बाद नोटिस जारी हुआ तो 27 विद्यालयों ने छात्र संख्या बढ़ा ली, लेकिन 74 विद्यालयों ने इस पर अमल नहीं किया। उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। अगर दिसंबर में 60 प्रतिशत छात्र संख्या नहीं हुई तो विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्रावली प्रस्तुत कर दी जाएगी।