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शासन ने मांगी रिपोर्ट तो खोजने लगे बहाना

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शासन ने मांगी रिपोर्ट तो खोजने लगे बहाना
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सीवीओ के अनुसार दम घुटने से हुई थी पशुओं की मौत
शासन को भेजी गई रिपोर्ट, केंद्र पर बढ़ाई गई पशुओं की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बौधरा पशु आश्रय केंद्र में हुई पशुओं की मौत के मामले में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जिला प्रशासन ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और बीडीओ से मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर जवाब भेजा है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में पशुओं की मौत का कारण भूख-प्यास की बजाय खोदे गए गड्ढे में गिरने और दम घुटने को बताया गया है।
मेंहदावल क्षेत्र के बौधरा ताल में अस्थाई तौर पर पशु आश्रय केंद्र बनाया गया है। यहां करीब 200 छुट्टा और अवारा पशुओं को रखा गया है। बुधवार को यहां मरे पशुओं के शव को दफनाने के लिए ब्लॉक कर्मियों ने एक ठेकेदार से जेसीबी की मांग की। ठेकेदार समेत अगल-बगल के कुछ और लोग पशु आश्रय केंद्र पहुंचे तो वहां कई पशुओं के शव और कंकाल पड़े थे। पशुओं की मौत की जानकारी होने पर एसडीएम प्रेमप्रकाश अजोर ने केंद्र का निरीक्षण किया और बीडीओ और ब्लॉक कर्मियों को निगरानी में लापरवाही बरतने पर फटकार लगाते हुए पूरे प्रकरण की जानकारी डीएम को दी थी। अगले दिन डीएम और सीडीओ ने भी केंद्र का निरीक्षण किया और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व बीडीओ मेंहदावल से जवाब मांगा था। मामले की जानकारी लखनऊ पहुंची और वहां से भी प्रकरण पर जवाब मांगा गया।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. टीपी मिश्रा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पशुओं की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है। अनुमान है कि पशुओं को परिसर में पशुओं को घेरकर रखने के लिए चारों तरफ जो खाई खोदी गई थी उसमें पानी के चलते कुछ जगह जमीन दलदली हो गई है। कुछ पशु उसी में फंस गए होंगे जिनकी बाद में दम घुटने से मौत हो गई होगी। डीएम रवीश गुप्ता ने बताया कि सीवीओ और बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर शासन को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा आश्रय केंद्र की नियमित निगरानी के लिए कर्मचारियों को तैनात की गई है।
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