संतकबीरनगर। बृहस्पतिवार को श्रावण मास के तेरस तिथि के अवसर पर तामेश्वर नाथ समेत सभी शिवमंदिरों में भक्तों ने भोलेनाथा का जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव के जयकारे से शिवालय दिन भर गूंजते रहे।
इसी के साथ चार दिन से फोरलेन पर बंद आवागमन भी शुरू हो गया। वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक हटने से यात्रियों के साथ-साथ खाद्य सामग्री व अन्य सामान लेकर रुके ट्रक चालकों को भी राहत मिली।
श्रावण मास के तेरस को तामेश्वरनाथ धाम में बाबा तामेश्वर नाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु भोर से ही पहुंचने लगे थे। महुली क्षेत्र के 50 से अधिक कांवड़ियों का जत्था बुधवार को अयोध्या से पवित्र सरयू नदी का जल लेकर तामेश्वर नाथ के लिए चला था।
बृहस्पतिवार को तामेश्वरनाथ पहुंचकर जलाभिषेक किया। इसके अलावा बखिरा में भंगेश्वरनाथ, मेंहदावल में कुबेरनाथ, बेलहर कला के शिवमंदिर तथा खलीलाबाद कस्बे के स्टेशन टुड़वा मंदिर व गन्ना समिति परिसर स्थित शिवमंदिर में भी जलाभिषेक किया।
दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ फोरलेन पर आवागमन
कांवड़ यात्रा के चलते गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही बीते छह अगस्त से ही बंद थी। जगह-जगह ट्रकें रोकी गई थीं। अन्य वाहनों को मेंहदावल बाईपास व मगहर से ही दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा था।
बृहस्पतिवार को दोपहर बाद तीन बजे से फोरलेन पर लगी रोक हटा ली गई। सीओ सदर रमेश कुमार, कोतवाल खलीलाबाद सुधीर सिंह, टीएसआई राजेंद्र प्रसाद ने डीघा बाईपास, सरैया बाईपास, मगहर दुर्गा मंदिर आदि जगहों पर लगी बैरिकेडिंग को हटवाया।
जाम हटते ही फोरलेन पर दिखी रफ्तार
चार दिन तक सुनसान रहे फोरलेन हाइवे पर बृहस्पतिवार की शाम को वाहनों की भीड़ और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में वाहनों की रफ्तार बढ़ गई। कई दिन से रुके मालवाहनों के चालक जल्दी से जल्दी आगे निकलने की होड़ में दिखे।