संतकबीरनगर।
नोट बंदी के एक साल पूरे होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज का दिन देश के इतिहास में काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम को दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज खान ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा नोट बंदी भारत की जनता पर एक क्रूरतम आघात था। जिसकी समस्या से आज भी लोग उबर नहीं पाए है। सभी उद्योग धंधे और व्यापार ठप पड़े है। करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई, लेकिन मोदी सरकार आज भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। नोट बंदी मोदी सरकार की एक संगठित लूट है। यह विश्व के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। भारत की जनता अपने ही पैसे को निकालने व बदलने के लिए महीनों लाइन में लगकर खड़ी रही। उन्हीं लाइनों में खड़े काफी लोग अपनी जान गंवा दिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नोटबंदी के दौरान मरे हुए लोगों के आश्रितों को कम से कम 25-25 लाख रुपये का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे। साथ ही देश के जनता को कष्ट में डालने के लिए माफी मांगे और टैक्स में भारी छूट देकर डीजल, पेट्रोल, गैस व अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम कम करे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अजय सिंह, मृत्युजंय चौबे, महासचिव सुनील पांडेय, आलोक यादव, अंबिका राय, अखंड बहादुर पाल, कृष्ण कुमार, संजय श्रीवास्तव, शाह आलम, बृजेश सिंह, शिवम पांडेय, हर्षित श्रीवास्तव, नीरज गुप्त, मनोज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।