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कर्बला में फातिया के साथ दफन हुए 612 ताजिए

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संतकबीरनगर। दसवीं मुुहर्रम का जुलूस रविवार को जनपद में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इसमें ताजियों के आगे नव युवकों की टोली, ढोल और ताशों के साथ लाठी-डंडे, गतके, तलवार, भाला आदि के कलाओं का नजारा पेश करते दिखे। वहीं वातावरण में ...या हुसैन, या हुसैन की सदाएं गूंजती रही। देर रात आबादी से बाहर कर्बला में फातिया के साथ करीब 612 ताजिए दफन किए गए।
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खलीलाबाद में दसवीं मुहर्रम का जुलूस रविवार को अंसार टोला, पठान टोला, बरदहिया बाजार, विधियानी, बंजरिया सहित अन्य मुहल्ले से ताजियों के साथ निकाला गया। मेंहदावल चौक पर सभी जुलूस आकर मिलें। इस दौरान युवाओं ने तलवारबाजी और गतके के हैरतंगेज कारनामें दिखाए तो वहीं कुछ ने ढोल, ताशा, झाल और झांझ बजाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जबकि विभिन्न आकारों में बने ताजिए आकर्षण का केंद्र रहे। इस पर्व को मुस्लिम समाज के शिया वर्ग के अलावा सुन्नी वर्ग के लोगों ने भी उपवास रखकर मनाया। हिंदुओं में भी इसकी आस्था दिखी। कई लोग अपनी-अपनी मुरादों के बावत मन्नतें मांगी। जबकि मन्नतें पूरी होने वाले छोटी ताजिया बनवाकर फातिहा करवाया और इमाम हुसैन के नाम से फातिहा करवाकर शीरनी बांटी। पायक बने लोग ताजियों को हवा देते वक्त ..या हुसैन, या हुसैन की आवाजें लगाते देखे गए। इस दौरान जगह-जगह शरबत आदि का भी प्रबंध रहा। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार शेरपुर, काजीपुर, इस्लामनगर, तकियाबाजार सहित अन्य स्थानों पर रखे गए ताजिए को मसनवी के कर्बला में लाकर दफन कर दिया गया। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में गड़सरपार, मुहम्मदपुर, गिरधरपुर, बेलौली, धौरहरा, अशरफाबाद, कोडऱी, मंझरिया आदि गांवों में स्थापित ताजियों को कर्बला में लाकर दफन किया गया। लोहरैया प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र टाड़ा, बारीडीहा, बभनौली, डिहवा, घोरांग, सिरसी, बेलमा, बंसवारी, बंडा, सेमरडाड़ी, रूपिन, डिहवा, शनिचरा, दुलहापार, पौली, सोनहन, रोशया बाजार, चकिया धुसवा, नावन करमा आदि स्थानों से जुलूस निकालकर ताजिए दफन किए गए। इस दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसी तरह से मेंहदावल सहित अन्य क्षेत्रों के ताजियों को स्थानीय कर्बला में दफन किया गया। बताया जाता है कि मोहम्मद रसूलल्लाह के निवासे हजरत इमाम हु़सैन अले हिस्सलाम कर्बला की धरती पर हक के लिए लड़ते हुए अपनी जान को कुर्बान कर दिया था। तभी से मुहर्रम का पर्व मनाया जाता है।
बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार, रविवार को बखिरा, अमरडोभा, लेडुवा-महुवा, हरदी, नौरो, ढ़ोढय़ा, सई बुजुर्ग, नंदौर में ताजियादारों ने कर्बला पर ताजियों को रखा। बेहतरीन नक्कासी के साथ बनाए गए ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस दौरान डीएम मारकंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा कसबे का भ्रमण कर हाल जाना।
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कसबे के नईबाजार, मंगलबाजार, शनिचरा बाजार, इंटर कॉलेज तिराहा, पुलिस चौकी, अमरडोभा, रसूलाबाद का भ्रमण करते हुए ताजियों का घुमाया गया। हिंदुओं द्वारा बनाया गया ताजिया भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम कर रहा था। कसबे में हिंदू समुदाय द्वारा बनाया गया ताजिया लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान लगे मेले में बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। प्रशासन ने मुहर्रम पर्व को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की थी। बखिरा, अमरडोभा, रसूलाबाद समेत क्षेत्र के तमाम ताजियों सुरक्षा के पुलिस बल की तैनाती की गई थी। थानाध्यक्ष रामभवन यादव व चौकी इंचार्ज प्रदीप सिंह पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने में लगे रहे।
इंसेट
डीएम-एसपी ले रहे थे पल-पल की खबर
संतकबीरनगर। मुहर्रम पर्व को शांति पूर्वक संपंन कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस के अधिकारी सतत् निगरानी रख रहे थे। अपर पुलिस अधीक्षक असित श्रीवास्तव, सीओ रमेश क्षेत्रों में घूम-घूम कर सतर्क दृष्टि रखे हुए थे। सात थानाध्यक्ष, 70 दारोगा और 800 पुलिस कर्मी लगाए गए थे। डीएम मारकंडेय शाही और एसपी हेमराज मीणा भी पल -पल की खबर ले रहे थे। पुलिस की सक्रियता से शांति पूर्ण माहौल में मुहर्रम का पर्व संपन्न हो गया।
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