संतकबीरनगर। अस्पताल, नर्सिंगहोम और क्लीनिक के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग में आए 95 आवेदन के सत्यापन में 70 अस्पताल मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसकी वजह से उनको मान्यता नहीं मिली। जबकि अब तक 20 अस्पताल और नर्सिंग होम को पंजीकृत किया गया। जिले में वर्ष 2023-24 में 83 हॉस्पिटल नर्सिंग होम और 43 क्लीनिक पंजीकृत थे।
स्वास्थ्य विभाग में हर वर्ष अस्पताल, नर्सिंगहोम और पैथालॉजी के मान्यता, नवीनीकरण के लिए आवेदन मांगा जाता है। 30 अप्रैल को आवेदन देने की अंतिम तिथि थी। इसमें जनपद में मान्यता के लिए 95 आवेदन आए थे। सीएमओ कार्यालय में आए आए 95 आवेदन को एसीएमओ डॉ. रामरतन की देखरेख में सत्यापन किया गया।
सत्यापन के बाद मानक के अनुरूप पाए गए 20 अस्पताल और नर्सिंग होम को मान्यता दे दिया गया। मानक के अनुरूप न पाए जाने पर पांच अस्पतालों की मान्यता रद्द कर दिया गया। 70 आवेदन में कुछ कमियां मिलने पर पंजीयन रोक दिया गया है। वर्ष 2023-24 में जनपद में 83 हॉस्पिटल और नर्सिंग होम और 43 क्लीनिक पंजीकृत थे। जबकि स्वास्थ्य विभाग को नए वित्त वर्ष में पंजीयन और नवीनीकरण के लिए मात्र 95 आवेदन ही प्राप्त हुए है।
जनपद में बड़ी संख्या में मानक विहीन हास्पीटल, नर्सिंग होम और पैथालोजी सेंटर बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये सब स्वास्थ्य विभाग की आंखों के नीचे है। समय समय पर शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करता है।
बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे है अस्पताल
जनपद में सैकड़ों की संख्या में अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथालोजी सेंटर बिना मान्यता के चल रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में अव्यवस्था के कारण मरीजों का झुकाव प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलोजी सेंटर की तरफ होता है। बिना पंजीयन के मानक विहीन ये अस्पताल मरीजों का धनादोहन करते हैं। ऐसे अस्पतालों में आए दिन मरीजों के साथ घटनाएं भी घटती हैं। यह सब स्वास्थ्य विभाग के आंखों के नीचे चल रहा है।
जनपद में संचालित हास्पीटल, नर्सिंगहोम और पैथालोजी सेंटर के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए आवेदन मांगे गए थे। 30 अप्रैल तक 95 आवेदन प्राप्त हुए थे। सत्यापन में 20 हॉस्पिटल और नर्सिंग होम मानक के अनुरूप पाए गए। पंजीयन कर लिया गया है। जबकि पांच कैंसिल किया गया है। 70 आवेदन मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।
-डॉ रामरतन
एसीएमओ